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आंधी तूफान से पक्की दीवार पर रखा छप्पर गिरा, तीन लोग घायल

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अयोध्या। मौसम ने सोमवार दोपहर अचानक करवट ली। करीब दो बजे धूल भरी आंधी के साथ झमाझम बरसात भी हुई। आंधी-पानी का असर पूरे जनपद में दिखा। दर्जनों जगह पेड़ गिरे, इससे विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई।
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कई जगहों पर लोगों के छप्पर के मकान भी गिर गए। थाना पटरंगा क्षेत्र के पुराय गांव में ईंट की पक्की दीवार पर रखा हुआ छप्पर दीवार समेत गिर गया। इसके नीचे दबकर महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।
लोगों ने तीनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां से तीनों को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहीं, कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार आंधी व बारिश के चलते उड़द, मूंग के साथ-साथ सबसे ज्यादा नुकसान मक्का की खेती को हुआ।
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बारिश से जगह-जगह हुए जलभराव से भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार दोपहर में तेज हवा के साथ धूल भरी आंधी आई। इसके चलते दिन में ही अंधेरा छा गया।
आंधी की गति इतनी तेज थी कि लोग जहां थे वहीं रुक गए। इसके बाद बारिश शुरू हो गई। आंधी पानी के दौरान जिले भर में कई दर्जन स्थानों पर पेड़ सड़क व बिजली के तार पर गिर गए। इससे आवागमन भी बाधित रहा। साथ ही बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।
पटरंगा थाना क्षेत्र के पुराय गांव में ईंट की पक्की दीवार पर रखा हुआ छप्पर आंधी में दीवार समेत गिर गया। इसके नीचे दबकर फूलमता (58) पत्नी रामकेवल, अंकुर कुमार (22) पुत्र रामकेवल व अनुज कुमार (13) पुत्र रमेश कुमार दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों का बाहर निकाला व सीएचसी रुदौली लेकर गए। जहां से उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची हलका लेखपाल सीमा पांडे व ग्राम प्रधान सरफराज खान ने आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही।
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार धूल भरी आंधी से दिन में अंधेरा छा गया। तहसील क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। इस दौरान सड़कों पर अफरा तफरी का माहौल बन गया दुकानदार अपना सामान समेट कर इधर-उधर भाग निकले।
तारुन प्रतिनिधि के अनुसार आंधी के दौरान कई स्थानों पर पेड़ बिजली के तारों पर गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। तेज हवा से आम के कई पेड़ जड़ से उखड़ गये।
विद्युत उपकेंद्र तारुन जेई राम यज्ञ दूबे ने बताया कि टिकरी में लेखपाल के घर के पास, बल्ली कृपालपुर में डढ़वा , बेलगरा, बोदहरी आदि गांवों में आंधी के दौरान हाई वोल्टेज तारों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए है। जिन्हें ठीक कर सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
गौरा दशरथ पुर मार्ग पर बिजली के तार पर शीशम का पेड़ गिर जाने से आवागमन बाधित हो गया। जिला पंचायत सदस्य हरीशचंद्र निषाद ने बताया कि इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई है।
बाला पुर मजरे नन्दापुर में भी आम का पेड़ जड़ से उखड़ कर धराशाई हो गया। इसके अलावा रानी बाजार, गोसाईगंज, मया, कुमारगंज, सोहावल समेत अन्य इलाकों में पेड़ गिरने की सूचना है।
भेलसर प्रतिनिधि के अनुसार रुदौली में तेज आंधी व बारिश से बारामासी पौशाला पर विशालकाय प्राचीन नीम का पेड़ टूटकर गिर गया। जिससे रुदौली-बाबाबाजार मार्ग अवरुद्ध हो गया। पेड़ गिरने से लोग बाल-बाल बच गए।
पेड़ के नीचे पांच मोटर साइकिल, दो गन्ने का रस निकालने वाले ठेले, तीन फल के ठेले दबकर टूट गये। एलटी और एचटी लाइन के आधा दर्जन पोल जमीन पर गिर गए।
मौके पर पहुंचे किला चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार यादव ने विद्युत आपूर्ति बंद कराने के लिए विद्युत उपकेंद्र पर फोन लगाते रहे मगर फोन ही रिसीव नहीं हुआ। आखिरकार सब स्टेशन रुदौली से संपर्क होने सप्लाई ठप की गई।
उधर मड़हा नाला के पास एचटी पोल रोड पर ही गिर गया। जिससे आवागमन देर तक बाधित रहा। रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार तहसील रुदौली परिसर में तेज आंधी पानी के बीच तीन पेड़ टूटकर गिर गए।
साइकिल स्टैंड के पास गिरे पेड़ से आधा दर्जन साइकिलें टूट गई। वहीं एक पेड़ कर्मचारियों के आवास पर पेड़ गिर गया। जिससे आवास की छत फट गई। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।
आंधी-पानी के चलते अयोध्या-फैजाबाद शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई। मोहबरा बाजार में 132 केवी लाइन पर भारी भरकम पेड़ गिर जाने के कारण करीब तीन घंटे तक दोनों शहरों के कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप्प रही।
पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी व कर्मियों ने पेड़ की डाल काटकर विद्युत आपूर्ति का बहाल कराई। वहीं, कचहरी के पीछे, भीखापुर परिक्रमा मार्ग, साकेत महाविद्यालय के सामने समेत कई स्थानों पर पेड़ गिर गए।
देर शाम तक वन विभाग के कर्मी पेड़ को काटकर रास्ता बहाल कराने में जुटे रहे। एसडीओ आरबी वर्मा ने बताया कि बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई थी। पेड़ कटवाकर आपूर्ति बहाल कराई गई।
तेज आंधी के चलते सबसे ज्यादा नुकसान आम की फसल पर पड़ा। अधपके आम तेज हवा के चलते गर गए। वहीं, कृषि वैज्ञानिक रवि प्रकाश मौर्या का कहना है कि तेज आंधी व बारिश के चलते उड़द, मूंग की खेती करने वालों के साथ-साथ सबसे ज्यादा नुकसान मक्का की खेती करने वालों को होगा। बताया कि तेज आंधी के साथ जब बारिश प्रारंभ हो जाती है तो मक्का के पेड़ गिर जाते हैं, जिससे मक्के की फसल को भारी नुकसान होता है।
एनडी यूूनीवर्सिटी के मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हलके से मध्यम बादल छाए रहने व धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हलकी बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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