रामलला के दर्शन के बाद बुधवार का सिंहल ने कहा, मंदिर निर्माण में लगभग दो लाख घन फुट पत्थर लगेंगे, जिसमें से एक लाख घन फुट पत्थरों को तराशा जा चुका है।
बाकी जन्मभूमि न्यास समाज से दान में लेग। अधिगृहीत क्षेत्र का विकास न होने पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए सिंहल ने कहा कि विवादित स्थान को छोड़ कर शेष 70 एकड़ भूमि का केंद्र सरकार विकास करे।
इसके विकास पर न्यायालय को भी कोई आपत्ति नहीं होगी क्योंकि अदालत ने भी सुलभ दर्शन के निर्देश दिए हैं। दर्शन की व्यवस्था वेद मंदिर मार्ग से हो, ताकि बुजुर्ग दर्शनार्थियों को असुविधा न हो ।
सिंहल ने कहा कि अब तक राम जन्मभूमि की सुरक्षा के नाम पर बेवजह 10,000 करोड़ खर्च हो चुके हैं। सुरक्षा हो, लेकिन श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। केंद्र एक डेलीगेशन अयोध्या भेजे, जिससे इन सुविधाओं में सुधार हो सके।
सिंहल ने कहा कि रामजन्मभूमि समेत काशी और मथुरा को लेकर वे मुसलमान अपना दावा वापस लें, तभी मधुर संबंध बनेंगे। कहा कि विहिप हमेशा मुसलमानों से मधुर संबंध चाहती है, लेकिन तीनों स्थलों के दावे जब तक वे वापस नहीं लेंगे, तब तक कैसे संभव है। उन्होंने कहा मुसलमानों के प्रतिनिधियों व वक्फ बोर्डों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।