बेतहाशा महंगाई के दौर में कॉर्पोरेशन द्वारा 15 फीसदी से अधिक बिजली दर की बढ़ोत्तरी से लोगों के घरों का बजट गड़बड़ा गया है। इससे उपभोक्ता खासे नाराज हैं।
उनकी नाराजगी की बढ़ी वजह यह है कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्थागत ढांचे में दशकों से कोई सुधार नहीं हुआ। कहते हैं कि पहले बिजली आपूर्ति सुधारते, फिर दरें बढ़ाते तो अच्छा लगता।
आए दिन लो वोल्टेज, बेतहाशा कटौती और ट्रांसफार्मर जलने की पीड़ा कोई सुनता नहीं। क्या सरकार बिल के साथ यह भी सुनिश्चित करेगी कि बिजली आपूर्ति खराब मिलेगी, तो क्या कार्रवाई करेगी।
इसके साथ ही लोगों ने बढ़ी बिजली दरों में संशोधन की भी मांग भी उठाई। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा घोषित बिजली की बढ़ी दरें रविवार से प्रभावी होने की खबरें आने के बाद शहर के उपभोक्ताओं के चेहरे पर खासा रोष देखा गया।
धीनीराम का पुरवा में अपने परिवार के साथ बैठे चक्रवर्ती सिंह बढ़ी बिजली दरों को आम जनता पर जबरन आर्थिक बोझ लादने जैसा कदम बताते हैं। कहते हैं कि बिजली आज लोगों की प्राथमिक जरूरत में शामिल है। लेकिन उपभोक्ताओं को सही ढंग से बिजली की आपूर्ति नहीं मिल पा रही। पहले इस व्यवस्था में सुधार हो तो उपभोक्ताओं को बढ़ी बिजली दरों का भुगतान करना भी नागवार न लगे।
रिकाबगंज निवासी मृदुल गोयल व रामफेर गुप्त परिवार के बीच बढ़ी बिजली दरों को मध्यम वर्गीय परिवार के बजट पर करारी चोट बताते हैं। बताते हैं कि पावर कॉर्पोरेशन बिजली आपूर्ति सही ढंग से कर नहीं पा रहा। लेकिन बिजली बिल वसूलने के लिए घर-घर जरूर पहुंच जाता है।
क्षेत्रवार बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। आपूर्ति के हालात यह हैं कि अबाधित तीन से चार घंटे बिजली नहीं मिल पाती। लोगों ने सरकार व कॉर्पोरेशन प्रशासन से बढ़ी बिजली दरों में की गई बढ़ोत्तरी को आम लोगों के बजट के अनुरूप बढ़ाए जाने की मांग भी की।
रिकाबगंज हनुमानगढ़ी निवासी जितेंद्र सिंह परिवार के साथ बढ़ी बिजली दरों पर खासे नाराज दिखते हैं। कहते हैं कि बिजली आपूर्ति की स्थिति हमेशा खराब रहती है। आए दिन ट्रांसफार्मर जल जाने, लाइन टूट जाने जैसी समस्याओं के साथ आपात कटौती से बिजली गुल रहती है।
कॉर्पोरेशन व शासन बिजली आपूर्ति की इस कमी को दूर करने के बजाए उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का बोझ बढ़ाती जा रही है। कहा कि सरकार व कॉर्पोरेशन को इस बेतहाशा महंगाई में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी को लागू किए जाने के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए।
देवकाली स्थित शांतिपुरम कॉलोनी में सेना के रिटायर्ड भानु प्रकाश सिंह परिवार के बीच बिजली दरों में वृद्धि पर चर्चा करते नाराजगी जाहिर करते हैं। कहते हैं कि आज की महंगाई में आम आदमी का बजट बहुत सीमित है।
ऐसे में शासन व पावर कॉर्पोरेशन से बिजली दरों में बढ़ोत्तरी उपभोक्ताओं के बजट को खराब करने वाला है। कॉर्पोरेशन को पहले बिजली आपूर्ति में सुधार का कदम उठाना चाहिए, जो वर्तमान में जनहित में सर्वाधिक जरूरी है।