अयोध्या। पखवारे भर पूर्व हुई बारिश से जगह-जगह हुए जलभराव से जिले में मच्छर जनित रोगों का प्रकोप बढ़ गया है। इन दिनों जिला अस्पताल व व राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर संक्रामक रोगों की चपेट में आए मरीजों से पटा है।
इन रोगों के मरीजों से अस्पताल के दो वार्ड फुल हो चुके हैं। खासकर डेंगू के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। 10 दिनों में डेंगू के 233 मरीज जिले में मिल चुके हैं।
मरीजों की इसी भीड़ के चलते जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड व जनरल वार्ड फुल हो गया है। मेडिकल वार्ड के सभी 56 बेड व जनरल वार्ड के सभी 16 बेड में अधिकांश मरीज डेंगू, बुखार, टायफाइड, उल्टी, दस्त आदि से पीड़ित ही बताए गए हैं।
जनरल वार्ड के 16 बेड में से करीब 10 बेड पर बुखार के मरीज ही भर्ती हैं। जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 10 दिन में जिले में प्रतिदिन करीब 23 मरीजों के औसत से 233 मरीज पाए गए हैं। जिले में अब तक कुल डेंगू पीड़ितों की संख्या 429 हो गई है।
बुधवार को भी 18 नए मरीज संक्रमित पाए गए हैं। नगर निगम क्षेत्र में संक्रमितों की संख्या सर्वाधिक 224 है। जबकि, 205 मरीज ग्रामीणांचल के बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब तक 176 मरीजों के घर पहुंचकर निरोधात्मक कार्रवाइयां करने का दावा किया है।
नगर निगम व फालेरिया विभाग द्वारा संचारी रोगों से बचाव के लिए कराए गए तमाम इंतजाम के दावे की हकीकत देखनी हो तो शहर के वीआईपी इलाका कहे जाने वाले सिविल लाइंस क्षेत्र के हौसलानगर कॉलोनी में आइए।
यहां पर रेलवे द्वारा रेलवे लाइन के किनारे बनाया गया अर्द्धनिर्मित नाला मोहल्लेवासियों के लिए मुसीबत बना है। इस नाले में बरसात का पानी ठहरा हुआ है, जिससे मच्छर उत्पन्न हो रहे हैं और लोगों को डंक मारने लगे हैं।
अभी तक तमाम लोग बुखार आदि की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन नगर निगम व फाइलेरिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी अभी तक नजर नहीं आए। न ही यहां पर कोई छिड़काव किया गया न ही कोई अन्य इंतजाम किए गए।
मच्छर जनित रोगों के प्रसार को लेकर मोहल्लेवासी भयभीत नजर आ रहे हैं। क्योंकि एक बार संक्रामक रोगों का कहर यह मोहल्ला देख चुका है।
रेलवे का अर्द्धनिर्मित नाला नौ फीट गहरा है। साल भर इसमें पानी भरा रहता है। इसकी साफ-सफाई न तो नगर निगम कराता है न ही रेलवे। कोई इसका ध्यान नहीं दे रहा है। गहराई अधिक होने से जानवर भी इसमें गिर जाते हैं। -अजय तिवारी
यह समस्या एक दिन की नहीं है। इसके निदान के लिए रेलवे विभाग के एईएन से मिलने भी गए थे, उन्होंने भी इसका निराकरण नहीं किया। इस समय मच्छरों की भरमार है, बड़ी समस्या है। -बद्री तिवारी
नगर निगम और फाइलेरिया विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो फॉगिंग हुई न ही एंटी लार्वा छिड़काव किया गया है। पिछली बार भी लापरवाही की वजह से महामारी फैली थी। कई लोग अस्पताल में भर्ती थे। -रत्नाकर पांडेय
हमारा घर रेलवे लाइन के किनारे होने के कारण हम लोग मच्छरों के प्रकोप से साल भर पीड़ित रहते हैं। स्थानीय लोगों ने सांसद से भी मुलाकात करके शिकायत की, लेकिन कोई निदान नहीं हुआ। -राघवराम पांडेय
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि इस समय मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप तेज है। प्रतिदिन ओपीडी में वह अकेले करीब 100 मरीज बुखार, पेट संबंधी रोग आदि के देख रहे हैं।
बताया कि इस समय डेंगू को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। डेंगू के मच्छर दिन में ही काटते हैं। इसलिए पूरी बांह के कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
बुखार आने पर लापरवाही न करें, तीन टाइम पैरासीटामॉल का सेवन करें, खूब पानी पिएं, यदि तब भी आराम न हो तो नजदीकी अस्पताल में चिकित्सक से संपर्क करें व जांच कराएं। डेंगू होने पर भी भयभीत न हों। पूरी तरह आराम करें। तरल पदार्थ का सेवन करें, प्लेटलेट 20 हजार तक होने पर डरें नहीं।
इन दिनों संक्रामक रोगों से पीड़ितों की भरमार है। मेडिकल वार्ड व जनरल वार्ड तो फुल चल रहे हैं। जैसे ही कोई मरीज डिस्चार्ज होता है, नया मरीज आ जाता है। गनीमत है कि संक्रमित होने के बाद रिकवरी भी तेजी से हो रही है। लोगों को स्वयं भी सजग रहना चाहिए। -डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल, अयोध्या