अयोध्या। देव दीपावली की रात सरयू तट पर देवलोक का आभास कराती नजर आई। घाट, कुंड व मठ-मंदिर दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। सरयू तट पर दर्जनों स्थानों पर महाआरती का आयोजन किया गया।
भक्तों ने घाटों पर दीप जलाकर सरयू में दीपदान किया। देवदीपावली के अवसर पर सरयू घाट के अलावा सुरसरि मंदिर में भी 51 हजार दीप जलाए गए। यह आयोजन रामोत्सव के क्रम में हुआ।
देव दीपावली के अवसर पर सरयू तट की भव्यता सभी को आकर्षित कर रही थी। बड़ी संख्या में उमड़े भक्तों की भीड़ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा था।
रामनगरी के घाटों पर भक्त दीप जलाने में लीन नजर आए। वहीं देव दीपावली के पावन अवसर पर सजा सुरसरि मंदिर भव्यता का पर्याय लग रहा था।
अखिल भारतीय जय गुरू संप्रदाय एवं ओंकारनाथ मिशन के संयोजन में चल रहे नौ दिवसीय रामोत्सव के अंतिम दिन देव दीपावली के अवसर पर श्रीरामनाम संकीर्तन शोभायात्रा निकाली गई।
यह यात्रा मंदिर परिसर से होते हुए मां सरयू के तट पर पहुंची। जहां सरयू की आरती के बाद यात्रा वापस मंदिर पहुंची। इसके बाद पूरे मंदिर परिसर को 51 हजार दीपकों की रोशनी से जब रोशन किया गया।
इसकी अलौकिक छटा देखकर बंगाल सहित विभिन्न प्रांतों से आए भक्त निहाल हो उठे। आचार्य किंकर विट्ठल रामानुज महाराज ने पहला दीप जलाकर दीपोत्सव का आगाज किया तो धीरे-धीरे दीपों के रोशन होने की श्रृंखला बढ़ती गई।
इस अवसर पर संप्रदाय के उपाध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी, डॉ.सौवोन भट्टाचार्य, प्रियनाथ चट्टोपाध्याय, रबोंद्र दत्त, इंद्राणी चट्टोपाध्याय, मोम गांगुली सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
देवदीपावली के पावन अवसर पर आंजेनय सेवा संस्थान के संयोजन में होने वाली नित्य महाआरती के क्रम में शुक्रवार को मां सरयू की 2100 बाती की महाआरती उतारी गई।
सरयू नदी के घाटों से लेकर मठ-मंदिरों में दीपमालाएं सजाई गईं। वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच हुई महाआरती में भक्तों का उत्साह स्पष्ट नजर आ रहा था। जय श्रीराम, जय सरयू मैया...के जयघोष से सरयू तट गुंजायमान रहा।
अयोध्या सुरसरि मंदिर में दीपक जलाते लोग- फोटो : FAIZABAD