अयोध्या। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं व प्रसूताओं को मेन्यू के अनुसार पोषणयुक्त भोजन व नाश्ता न दिए जाने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार की नींद भी टूटी है।
महिला अस्पताल प्रशासन ने कार्यदायी संस्था का भुगतान रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही कंपनी को मेन्यू के अनुरूप भोजन व नाश्ता देने का निर्देश भी दिया है।
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं व प्रसूताओं को पोषणयुक्त भोजन व नाश्ता निशुल्क देने के लिए वीके इंटर प्राइजेज हूंसेपुर, राजेपुर, उन्नाव को कार्य आवंटित किया गया है।
अनुबंध के अनुसार प्रति लाभार्थी 90 रुपये की दर से भुगतान किया जाना है। इसमें संस्था द्वारा सुबह नाश्ता व दो टाइम का भोजन दिया जाना है। इसके लिए मेन्यू के अनुरूप नाश्ते में एक ग्लास दूध के साथ दो अंडे/दलिया/पोहा/ब्रेड चार स्लाइस व 10 ग्राम मक्खन, दोपहर में चार रोटी, दाल, मौसमी सब्जी, चावल व सलाद/दही और रात के भोजन में चार रोटी, मौसमी सब्जी, चावल व मौसमी फल (सेब, संतरा, केला आदि)/एक ग्लास दूध दिया जाना है। लेकिन फर्म द्वारा अनुबंध की शर्तों का अनुपालन नहीं किया जा रहा था।
इस पर ‘अमर उजाला’ ने तीन जून को ‘आखिर किसने उड़ाई मरीजों के थाली की मलाई’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसके बाद महिला अस्पताल प्रशासन भी सजग हुआ और वीके इंटर प्राइजेज को पत्र लिखकर नाराजगी जताते हुए संस्था का भुगतान रोकने व मेन्यू के अनुरूप भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर अनुबंध की शर्तों का अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही संस्था का भुगतान भी रोका गया है।