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राममंदिर को लेकर सिंहल समेत संतों का अयोध्या में डेरा

Sun, 14 Jun 2015 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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देश भर से न्यास से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य बैठक में शामिल होने पहुंच रहे हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल सोमवार को यहां पर पहुंच रहे हैं।
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वह कई दिनों के लिए यहां डेरा डाल संत-धर्माचार्यों से चर्चा करेंगे। न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेतांती ने बैठक की पुष्टि की है।  कहा कि राममंदिर निर्माण को लेकर अहम निर्णय हो सकते हैं।

अयोध्या में संत-धर्माचार्यों व विहिप नेतृत्व की लंबी चुप्पी जल्द ही टूट सकती है। लगभग दो दशक बाद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास कार्यकारिणी की बुलाई गई गोपनीय बैठक में इस मुद्दे पर निर्णायक फैसला लिया जा सकता है।
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केंद्र में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार गठन के एक वर्ष बाद राम मंदिर निर्माण पर संत-धर्माचार्य व विहिप नेतृत्व अब इंतजार के मूड में नहीं लगता है। हाल ही में संतों व विहिप नेताओं के राम मंदिर मुद्दे पर आए बयानों से भी यही संकेत माने जा रहे हैं। 

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास कार्यकारिणी की 16 जून को श्रीमणिराम दास छावनी में बुलाई गई गोपनीय बैठक को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। अयोध्या में न्यास की होने वाली यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है कि छह दिसंबर 1992 में विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद लगभग दो दशक के अंतराल पर अयोध्या में हो रही है।

श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होने वाली गोपनीय बैठक में न्यास के पदाधिकारियों के साथ दो दर्जन से अधिक सदस्य धर्माचार्य राजस्थान, हरिद्वार, गोरखपुर, दिल्ली, वाराणसी, प्रयाग आदि स्थानों से पहुंचेंगे।

दशकों बाद अयोध्या में होने वाली न्यास की बैठक में राम मंदिर निर्माण पर निर्णायक फैसला लिए जा सकते हैं। यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है कि विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक कई दिनों के लिए अयोध्या में डेरा डालने के लिए 15 जून की सुबह पहुंच रहे हैं।

विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा अशोक सिंघल के 15 जून को पहुंचने की बात तो स्वीकर करते हैं लेकिन न्यास की बैठक की बाबत कुछ बोलने से परहेज करते हैं। हालांकि न्यास की बैठक को लेकर खुफिया संगठनों की सक्रियता जरूर बढ़ गई है।
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