शासन का आदेश आने के बाद बलरामपुर व श्रावस्ती के 17 कॉलेजों की संबद्धता ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे अवध विश्वविद्यालय में कॉलेजों की संख्या कम हो जाने से जहां एक ओर सालाना आय पर फर्क पड़ेगा।
वहीं बलरामपुर व श्रावस्ती के कॉलेजों से जुड़े छात्र-छात्राओं को दूरी घटने का फायदा भी मिलेगा। इससे कॉलेज प्रबंधकों की भी मुश्किलें कम होगीं। प्रदेश की सपा सरकार ने पूर्वांचल के छात्र-छात्राओं को तोहफा प्रदान कर हाल में सिद्धार्थनगर जनपद में नया विश्वविद्यालय स्थापित कराया है।
इसमें गोरखपुर विश्वविद्यालय और अवध विश्वविद्यालय से जुड़े नजदीकी कॉलेजों को संबद्ध किया जाना है। सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में इसी शैक्षिक सत्र 2015-16 से शैक्षणिक कार्य शुरू कराने की तैयारी है। इसके लिए हाल ही में छात्र-छात्राओं से आवेदन भी आमंत्रित कर लिए गए हैं।
इसी के साथ नए विश्वविद्यालय से डिग्री कॉलेजों के संबद्धीकरण की कार्यवाही भी शुरू हो गई है। शासन ने अवध विश्वविद्यालय प्रशासन को बलरामपुर व श्रावस्ती के 17 पुराने डिग्री कॉलेजों को सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय को ट्रांसफर करने आदेश दिया है। उच्च शिक्षा विभाग से आए आदेश का अनुपालन विश्वविद्यालय में शुरू हो गया है।
इसमें बलरामपुर व श्रावस्ती के 17 कॉलेजों की संबद्धता ट्रांसफर की जा रही, जो अब तक अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे हैं। शासनादेश के बाद विश्वविद्यालय ने स्थानांतरण संबंधी सारी तैयारी कर ली है। उन कॉलेजों की पत्रावलियां जल्द ही सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को स्थानांतरित कर दी जाएंगी।
जानकार बताते हैं कि बलरामपुर व श्रावस्ती के अलावा नए विवि से गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब चार दर्जन कॉलेज भी जुड़ने जा रहे हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की संख्या कम हो जाने से विश्वविद्यालय प्रशासन की कुछ हद तक परेशानी कम हो जाएगी, लेकिन महाविद्यालयों से होने वाली सालाना आमदनी घट जाएगी।