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तोड़ा जाएगा 35 लाख खर्च करके बना अधूरा श्रीराम प्रवेश द्वार

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अयोध्या में नयाघाट स्थित श्रीरामप्रवेश द्वार। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। रामनगरी के प्रवेश द्वार नयाघाट पर अर्धनिर्मित श्रीराम प्रवेश द्वार अब तोड़ा जाएगा। अब तक इस पर 35 लाख की धनराशि खर्च हो चुकी है, जिसे तकनीकी व सुरक्षा जांच में फिजुलखर्ची व लोगों की सुरक्षा को नजअंदाज करने वाला माना गया है।
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डीएम अनुज कुमार झा ने शासन को 4 जुलाई को भेजे गए पत्र में बंधा तिराहा नयाघाट पर बने प्रवेश द्वार को जनहित में हटवाने के लिए अनुमति मांगी है।
शासन से कहा है कि इसके कारण से रास्ता संकरा हो गया है जिससे यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में गठित तकनीकी समिति की रिपोर्ट को भी भेजा है।
बताते चलें कि 2013-14 में सपा सरकार ने अयोध्या के नयाघाट के मुख्य द्वार पर करीब डेढ़ करोड़ की लागत से श्रीराम प्रवेश द्वार के निर्माण की स्वीकृति दी थी।
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इसका निर्माण पर्यटन विभाग की ओर से शुरू कराया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार बिना जांच पड़ताल के छह मीटर चौड़े गेट का आगणन भेज दिया गया जो कि स्वीकृत भी हो गया।
जबकि यहां तीस मीटर का निकास था, जो पर्व व मेला के दौरान ठसाठस रहता है। ऐसे में काफी कम चौड़ा गेट को लेकर प्रशासन ने आपत्ति भी लगाई। मगर प्रवेश द्वार की चौड़ाई नौ मीटर कर मामले की इतिश्री कर दी गई।
प्रवेश द्वार की लागत बढ़कर करीब दो करोड़ हो गई। 35 लाख खर्च कर कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम ने अधूरा गेट बनाकर तीन साल से छोड़ दिया। योगी सरकार बनने पर यहां आए प्रमुख सचिव पर्यटन एके अवस्थी ने गेट को लेकर जांच कराई, प्रशासन ने इसकी कम चौड़ाई होने मेले के दौरान भगदड़ आदि का जिक्र करते हुए ध्वस्त कराने का प्रस्ताव भेजा।
मगर आडिट व वित्त विभाग ने फिजुलखर्ची के लिए जिम्मेदारी तय करने की बात कह गिराने की अनुमति नहीं दी। फिलहाल नयाघाट पर बना आधा-अधूरा प्रवेश द्वार यातायात एवं सुरक्षा दोनों के लिहाज से समस्या का सबब है।
हो सकती धन की रिकवरी
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि नया घाट पर बना अधूरा श्रीराम प्रवेश द्वार समस्या का सबब है। अत्यधिक भीड़ का दबाव होने पर दुर्घटना की संभावना बन जाती है। रास्ता सॅकरा होने से यातायात नियंत्रण बड़ी चुनौती हो जाती है। इसे गिराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। कार्यदायी संस्था से खर्च हुए धनराशि की रिकवरी भी कराई जा सकती है।
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