अयोध्या। कोरोना के संक्रमण की रफ्तार कम पड़ते ही लगभग डेढ़ माह बाद सोमवार को कक्षा-1 से 8 तक के भी विद्यालय खोल दिए गए। स्कूल पहुंचे बच्चे अपने साथियों से मिलकर खुश नजर आए।
हालांकि पहले दिन सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही। प्राइवेट विद्यालयों में कुछ अधिक छात्र दिखाई दिए। कहीं-कहीं गुरुजी भी लेटलतीफी के शिकार रहे।
बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि करीब डेढ़ माह बाद विद्यालय खुले हैं। प्रथम दिन छात्रों की संख्या थोड़ी कम रही। प्रधानाध्यापकों को स्कूल खुलने की जानकारी अभिभावकों को देने के लिए कहा गया है।
सभी स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है। बच्चों मिड-डे मील में भोजन के साथ फल भी दिया गया। परिषदीय विद्यालय 31 दिसंबर 2021 से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहा।
इसके बाद सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के चलते विद्यालय बंद कर दिये गये। सोमवार को विद्यालय खुले तो छात्र खुश नजर आए। तारुन के कंपोजिट विद्यालय बल्ली कृपालपुर की कक्षा आठ की छात्रा अंशिका ने कहा कि आज काफी दिन बाद विद्यालय खुलने पर बहुत अच्छा लग रहा है।
विद्यालय में कठिन से कठिन प्रश्न अध्यापक बहुत अच्छे तरीके से समझा देते हैं। कक्षा 6 की छात्रा तनु ने कहा कि विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रतिदिन अध्यापक गण हम लोगों को संबंधित पाठ्य सामग्री भेज देते थे।
अब स्कूल में पढ़ने में मजा आएगा। कक्षा सात के वीरेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि मोहल्ला क्लास से ही पढ़ाई हो जाती थी और कोई दिक्कत हो तो गुरुजी के मोबाइल पर बात करके समाधान हो जाता था।
कक्षा 6 की छात्रा दिव्यांशी का कहना है कि अब विद्यालय खुल गए हैं तो पढ़ाई में ज्यादा आसानी होगी। खजुरहट स्थित प्राथमिक विद्यालय कादीपुर, मजरूद्दीनपुर, रूपीपुर, बरगदिया, कंपोजिट विद्यालय मोहम्मदपुर में 50 फीसदी छात्र आए।
सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर बैठाया गया। विद्यालय की इंचार्ज समेत सहायक अध्यापक व शिक्षामित्र मौजूद रहे। इन सभी जगह पर मिड-डे मील के तहत भोजन का भी इंतजाम किया गया था।
कादीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अचला देवी ने बताया कि स्कूल की पहले से साफ-सफाई कराई गई थी। छात्रों को कोविड से बचाव के तरीके बताए गए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामपुर भगन के सामने कूड़े का ढेर लगा मिला।
बीकापुर के प्राथमिक विद्यालय गीजा वनकट में पंजीकृत 56 के सापेक्ष 25 छात्र उपस्थित रहे। यहां बच्चों के हाथ धोने के लिए हैंडवॉश की व्यवस्था की गई थी।
तारुन क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय ककोली में 316 बच्चों में से लगभग 70 बच्चे उपस्थित रहे। सुबह करीब सवा नौ बजे तक 12 अध्यापकों में से पांच अध्यापक मौजूद रहे।
प्रधानाध्यापिका राजकुमारी ने बताया कि अध्यापकों से बात हुई सब पहुंचने ही वाले हैं। प्राथमिक विद्यालय बाहरपुर विद्यालय में सुबह करीब साढ़े नौ बजे नामांकित 106 बच्चों में 20 बच्चे उपस्थित मिले। कमरों में गंदगी देखने को मिली।
सहायक अध्यापक विपिन पांडेय ने बताया सफाई कर्मी आने वाले हैं। कंपोजिट विद्यालय बल्ली कृपालपुर में कमरों में कोविड प्रोटोकॉल के तहत छात्र बैठे मिले। सेनिटाइजर रखा मिला।
प्रधानाध्यापक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि नामांकित 181 बच्चों में से 65 बच्चे आए। कंपोजिट विद्यालय तारुन के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि विद्यालय में 468 छात्र नामांकित हैं।
आज 232 छात्र उपस्थित हैं। एमडीएम बन रहा है। जिसका मेन्यू सब्जी-रोटी और फल है। प्राथमिक विद्यालय जाना में कुल 177 छात्र पंजीकृत हैं, प्रथम दिन मात्र 11 छात्र आए।
डीसीएम लायंस पब्लिक स्कूल में शत प्रतिशत छात्र मौजूद रहे। प्रधानाचार्य भावना मिश्र ने बताया कि स्कूल खुलने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से अभिभावकों को दी गई थी।
इससे पहले छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा था। स्कूल के अध्यापक समस्या आने पर छात्रों के घर जाकर उनकी मदद कर रहे थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय विकावल में 171 पंजीकृत छात्रों में 60 छात्र आए।
प्रधानाध्यापक अरविंद यादव ने बताया कि अध्यापकों से अभिभावकों से संपर्क करने के लिए कहा गया है। मसौधा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय हूंसेपुर समय से खुला। पहले दिन 28 छात्र आए।
प्रधानाध्यापक सुष्मिता मिश्र समेत अन्य अध्यापक मौजूद रहे। कंपोजिट विद्यालय गौहनिया में 91 छात्र मौजूद रहे। प्रधानाचार्य ध्रुवदास यादव ने बताया कि बच्चों को दो-दो गज की दूरी पर बैठाया गया।
पहले दिन सभी को हाथ धोने के तरीके और कोरोना से बचाव के उपाय भी बताए गए। प्राथमिक विद्यालय सिडहिर नरसिंहपुर में 169 के सापेक्ष 50, उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर में 142 के सापेक्ष मात्र 10 छात्र उपस्थित रहे।
नगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय महाजनी टोला में पंजीकृत 55 छात्रों में मात्र तीन बच्चे आए। यहां पर सुबह 10:30 बजे तक शिक्षिका अंजनी नहीं आईं थी। स्कूल में सिर्फ रसोइया थी। रानोपाली स्थित प्राथमिक विद्यालय समय से खुला लेकिन यहां भी छात्र नाममात्र के रहे।
हैरिग्टंनगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पूरे गुुमान दुबे में पंजीकृत 33 छात्रों के सापेक्ष मात्र पांच छात्र मौजूद रहे। सहायक अध्यापक अजय यादव ने बताया कि जानकारी के अभाव में आज प्रथम दिन संख्या कम रही है।
छुट्टी के उपरांत अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। बारुन स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय कर्मडांडा में 148 के सापेक्ष 27 छात्र उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका कमलेश कुमरी ने बताया कि बच्चों ने सुबह प्रार्थना के बाद पीटी की। दोपहर में भोजन के बाद केला भी दिया गया।