अयोध्या। कोरोना संक्रमण की वजह से बंद चल रहे कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यालय भी मंगलवार को खुल गए। संक्रमण के भय से पहले दिन छात्र संख्या तो नाममात्र रही, लेकिन अधिकांश स्कूल परिसरों में जलभराव व गंदगी का अंबार दिखा। शौचालय, पेयजल, हाथ धुलने सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर भी बदइंतजामी दिखी। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1529 प्राथमिक और 566 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। यहां बीते वर्ष करीब 2.25 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे। कोरोना वायरस की दूसरी लहर की वजह से अप्रैल माह से ही स्कूल बंद चल रहे हैं। इधर, संक्रमण कम होने के बाद चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोले जा रहे हैं। नौ से 12वीं की कक्षाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
अब मंगलवार से जूनियर हाईस्कूल भी खोल दिए गए। हालांकि, स्कूल खोलने से पूर्व शासन की ओर से कोरोना से बचाव के साधनों का सख्ती से अनुपालन कराने के साथ-साथ बेहतर साफ-सफाई कराने, पेयजल, शौचालय, हाथ धुलने का इंतजाम करने सहित सभी व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए थे। शासन के फरमान के अनुसार मंगलवार से स्कूल तो खुले, लेकिन बदइंतजामी का आलम रहा।
रौजागांव प्रतिनिधि के अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालय करीमपुर में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पठन-पाठन शुरू हुआ। शिक्षकों ने गुब्बारों से विद्यालय को सजाया व सभी बच्चों को मास्क का वितरण किया। विद्यार्थी अनामिका, दीपक, कुमकुम, सुमित्रा, शिवानी ने बताया कि चार माह के बाद आज स्कूल आए हैं। प्रधानाध्यापिका नाहिद उस्मान ने बताया कि बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर प्रेरित करेंगे।
रानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर में पहले दिन छात्र संख्या कम रही। प्रधानाचार्या राज कुमारी ने बताया कि बच्चों की संख्या कम है, जबकि अभिभावकों व बच्चों को विद्यालय खुलने की जानकारी सहायक अध्यापकों द्वारा दी गई है। उच्च प्राथमिक विद्यालय सरियावां की प्रधानाचार्या मंजू कुमारी ने बताया कि अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाया गया है। बच्चों को विद्यालय आने के लिए जागरूक किया गया है।
कंपोजिट विद्यालय तकमीनगंज में सुबह 11:30 बजे नामांकित 118 बच्चों में से सिर्फ आठ उपस्थित मिले। विद्यालय में कायाकल्प योजना से कोई भी कार्य नहीं कराया गया है। कमरों का फर्श जगह-जगह टूटा मिला। परिसर में जलभराव होने के कारण काफी कीचड़ था। हैंडवॉश यूनिट व शौचालय बना है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक संजीव कुमार वर्मा, सहायक अध्यापक जगदीश प्रसाद और दो अध्यापक उपस्थित मिले। बताया कि सहायक अध्यापक सूर्यमणि वर्मा अवकाश पर हैं। अनुदेशक रामप्रकाश बीआरसी पर संबद्ध किए गए हैं।
कंपोजिट विद्यालय तारुन में 188 में से 83 बच्चे उपस्थित मिले। मॉडल शौचालय तो बना है, लेकिन अभी तक अधूरा है। जलापूर्ति के लिए कनेक्शन नहीं किया गया है। जिससे पेयजल को लेकर समस्या रहती है। मल्टी प्लस हैंडवॉश बना था। परिसर मे घासफूस उग गई है। प्रधानाध्यापक राजेश वर्मा ने बताया कि शिक्षक जयवर्धन बीआरसी गए हैं और अनुचर उमेश कुमार भी बीआरसी पर संबद्ध हैं। शेष लोग उपस्थित मिले।
बीकापुर शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय सूल्हेपुर में 135 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें से सिर्फ छह ही उपस्थित रहे। रसोई गैस सिलेंडर खाली होने से पहले दिन स्कूल में एमडीएम नहीं बना। रसोई घर में ताला बंद मिला। परिसर में घास और गंदगी दिखाई पड़ी। शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल मिली। विद्यालय के कई कमरों के ताले और कुंडी टूटे मिले।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भेजा गया है। काफी समय तक विद्यालय बंद होने के चलते चोरों ने कई कमरों का ताला तोड़कर चोरी कर लिया है। शिक्षा क्षेत्र पूराबाजार के कंपोजिट विद्यालय अंकवारा में जल निकासी की व्यवस्था न होने से परिसर में जलभराव रहा। कुछ बच्चे बिना मास्क के पढ़ाई करते देखे गए।
विद्यालय में साफ-सफाई ठीकठाक मिली। हाथ धोने के स्थान पर अभी सिर्फ टोटी ही लगी है, शेष कार्य अधूरा है। सहायक अध्यापिका कलावती, कांतिलता वर्मा, नलिनी पांडेय मौजूद मिलीं। प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र मौर्य और सहायक अध्यापक रामगोपाल मौर्य मौजूद नहीं थे। कुल पंजीकृत 164 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ 24 बच्चे उपस्थित रहे।
पूर्व माध्यमिक कन्या पाठशाला तेंदुआमाफी में पंजीकृत 103 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ पांच बच्चे उपस्थित रहे। विद्यालय में कोरोना गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिखाई पड़ा। बच्चों और अध्यापकों के चेहरे पर मास्क नहीं था। सैनिटाइजर और हाथ धोने के लिए पानी, साबुन की व्यवस्था नहीं मिली। साफ-सफाई न होने से पूरे विद्यालय परिसर में जंगली घास उगी हुई दिखाई पड़ी।
प्रधानाध्यापक जहीरुल हक ने बताया कि सफाई कर्मी के न आने से दिक्कत आ रही है। अमानीगंज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बकौली में 41 बच्चों में से सात उपस्थित रहे। विद्यालय में कोरोना गाइड लाइन का पालन होता नहीं दिखाई पड़ा। बच्चों और अध्यापक बगैर मास्क के दिखे। सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए पानी, साबुन आदि व्यवस्था नहीं मिली।
मध्याह्न भोजन नहीं बनाया गया था। विद्यालय का कायाकल्प नहीं कराया गया है, परिसर में जलभराव दिखा, जिससे छात्रों को विद्यालय पहुंचने में दिक्कतें हुईं। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अभय सिंह अनुपस्थित रहे। वहीं, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मानूडीह में 45 छात्र अध्ययनरत पाए गए। विद्यालय में साफ -सफाई की व्यवस्था ठीक ठाक रही। प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार ने बताया कि बच्चों का हाथ सैनिटाइज कराया गया है।
सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करते हुए स्कूल खोलने का निर्देश पूर्व में ही दिया गया था। जहां भी कमियां पाई जाएंगी, संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय स्तर से भी स्कूलों का निरीक्षण कराया जाएगा, लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। -संतोष देव पांडेय, बीएसए, अयोध्या
स्कूल परिसर में जलभराव, हाथ धोने की व्यवस्था नहीं - फोटो : FAIZABAD
कोरोना मानकों का नहीं अनुपालन।- फोटो : FAIZABAD
स्कूल परिसर में जलभराव और कीचड़।- फोटो : FAIZABAD