अयोध्या। विस्तार के बाद जलापूर्ति की समस्या से जूझ रहा नगर निगम अब अयोध्यावासियों को पावन सलिला सरयू का शुद्ध जल पिलाएगा। इसके लिए अयोध्या धाम में सरयू नदी पर बनने वाले बैराज के निकट 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा।
प्लाट लगाने में करीब 100 करोड़ और पाइप लाइन बिछाने 150 करोड़ खर्च का अनुमान है। इस प्लांट से अयोध्या, फैजाबाद समेत नगर निगम में हाल में शामिल किए गए 41 गांव में जलापूर्ति की जाएगी।
इससे एक ओर जहां भूमिगत जल सुरक्षित होगा, वहीं बाढ़ आने की समस्या कम होगी। अयोध्या के नगरीय इलाके में पेयजल की समस्या काफी पुरानी है। यहां अमृत योजना के तहत पेयजल फेज तीन लागू है।
इसके बाद भी हालत यह है कि मात्र 120 लीटर पानी प्रति व्यक्ति को मिल पा रहा, जबकि मानक कम से कम प्रति व्यक्ति को 135 लीटर पानी मिलने का है।
पेयजल फेज तीन के पूर्ण होने के बाद मानक में सुधार होने की संभावना जताई गई लेकिन इसी बीच अयोध्या नगर निगम की सीमा का विस्तार होने से हालात और कठिन हो गए।
आसपास के 41 राजस्व ग्राम अयोध्या नगर निगम में शामिल हो चुके हैं। वहां सुविधाएं बदतर हाल में है। अब प्रति व्यक्ति पानी का मानक काफी घट गया।
इसको लेकर जल निगम ने सर्वे किया तो पाया गया है कि अयोध्या में पानी की खपत को पूरा करने के लिए अभी कम से कम 20 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। इसके लिए 210 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाया जाना अनिवार्य है।
नगर निगम में पहले ही 360 किलोमीटर पाइप लाइन बिछी है। पानी की सप्लाई करने के लिए लगभग 60 नलकूप व 13 ओवरहेड टैंक स्थापित है। लेकिन बार-बार खराब हो रहे हैं।
नलकूपों व भूमिगत जल के दोहन से निपटने के लिए अब नई कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए सरयू किनारे 12 सौ मीटर लंबे व 250 मीटर चौड़े बनने वाले बैराज के बगल में 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना है।
इस ट्रीटमेंट प्लांट से सरयू का जल शोधित करके अयोध्या नगर निगम समेत इसमें शामिल नए 41 ग्राम सभाओं को पानी सप्लाई किया जाएगा। इससे अयोध्यावासी सरयू का शुद्ध जल पी सकेंगे।
अभी तक सरयू नदी पर कोई ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा है। अयोध्या में प्रस्तावित बैराज पर स्थापित होने वाला है पहला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट होगा। हालांकि इस तरह की व्यवस्था गंगा नदी पर है।
कानपुर व वाराणसी जैसे शहरों में गंगा नदी पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहले से लगा है और काफी समय से इससे पानी की सप्लाई भी हो रही है। जबकि गंगा व सरयू की जल स्वच्छता में काफी अंतर है।
सरयू में केमिकल प्रदूषण बिल्कुल नहीं है। साथ ही सरयू देश की अन्य नदियों के सापेक्ष काफी स्वच्छ है। इससे यहां पर लगने वाले ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह सफल होने की उम्मीद है।
अयोध्या नगर निगम में नए शामिल 41 ग्राम सभाओं में पानी की खपत को पूरा करने के लिए आगामी 30 वर्ष की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें लगभग 3.50 लाख आबादी पर सर्वे किया गया है।
इसमें पाया गया है कि कुल 570 किमी. पाइप लाइन बिछाई जानी है। 70 हजार घरों को पानी का कनेक्शन दिया जाना है। इसके लिए लगभग 72 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी।
मौजूदा समय में 352 किमी. पाइप लाइन व 48 हजार घरों में वाटर सप्लाई के कनेक्शन मौजूद है। मौजूदा समय में लगभग 50 एमएलडी पानी को दिया जा रहा है।
नई ग्राम सभाओं के जुड़ने के बाद शहर को 210 किमी. पाइप लाइन व 20 हजार घरों को कनेक्शन दिए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए 21 एमएलडी पानी की आवश्यकता है।
इसके लिए 30 वर्षों की योजना को देखते हुए 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की आवश्यकता है। इसमें 50-50 एमएलडी की दो फेज में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा सकता है। इसमें कुल 250 करोड़ खर्च का अनुमान है।
अयोध्या नगर निगम में शामिल 41 ग्राम सभाओं में पानी की खपत को पूरा करने के लिए सरयू किनारे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना तैयार की जा रही है। जल निगम की ओर से इसका सर्वे हो चुका है। सरयू किनारे बनने वाले बैराज के पास इसको स्थापित किया जाएगा। बैराज के निकट 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जाने की योजना है। इससे अयोध्यावासी सरयू का जल ग्रहण कर सकेंगे। इसमें करीब 250 करोड़ खर्च का अनुमान है।- अनूप सिंह, अधिशासी अभियंता, जलकल अयोध्या