नदी की धारा तेजी से तटीय भू-भाग को अपने आगोश में ले रही हैं। बाढ़ व कटान के गंभीर होते खतरे से भयभीत ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर अपना ठिकाना बना रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गुरुवार को नदी का जलस्तर शाम चार बजे 91.815 मीटर पर रहा। जबकि लाल निशान 92.730 है। पूर्वाह्न लगभग 11 बजे नदी का जलस्तर 91.820 मीटर पर स्थिर हो गया।
शाम तीन बजे के बाद नदी के जलस्तर में आधे सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरावट दर्ज की जाने लगी। अनुमान है कि शुक्रवार को सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 91.700 मीटर पर पहुंच जाएगा।
नदी के जलस्तर में रुक-रुक कर हो रही गिरावट से तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा गंभीर होता जा रहा है। नदी की जलधारा तटीय भूभाग को तेजी से काट रही हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के पूरा ब्लॉक के मूड़ाडीहा, मडना माझा, सलेमपुर आदि नदी से सटे गांव के लोग बाढ़ का खतरा कम होने के बाद कटान के बढ़ते जा रहे खतरे से भयभीत हैं।
मूड़ाडीहा सहित अन्य गांवों के ज्यादातर ग्रामीण गांव छोड़ अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे व उपरहार के क्षेत्रों में खुले आसमान के नीचे बसेरा बना रहे हैं। यही हाल सोहावल व रुदौली तहसील क्षेत्र के कछार के इलाकों में भी है। नदी में तेजी से हो रही कटान को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।