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साधु-संतों ने फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखी

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अयोध्या। देशभर के सिनेमाघरों में 11 मार्च को रिलीज हुई ‘द कश्मीर फाइल्स’ इन दिनों काफी चर्चा में है। इसका क्रेज साधु-संतों में भी देखने को मिल रहा है। अमूमन भौतिकता से दूर रहने वाले संत भी अपने आप को फिल्म देखने से रोक नहीं पाए और उनके कदम थिएटर तक जा पहुंचे। कुछ दिन पूर्व जहां पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती के नेतृत्व में संतों की टोली ने थिएटर जाकर फिल्म देखी तो गुरुवार को महंत गिरीशपति त्रिपाठी की अगुवाई में गुरुकुल के बच्चों सहित संतों ने शहर के सिनेमा हाल में जाकर फिल्म देखी। संतों का कहना है कि 2014 के बाद सत्ता ही नहीं बल्कि बॉलीवुड भी बदल गया है।
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महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने फिल्म देखने के बाद कहा कि देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के हिंदुस्तानियों की जुबान पर फिल्म का नाम तैर रहा है। अब सिर्फ एक फिल्म का नाम भर नहीं रह गया है बल्कि ये दास्तां है इस्लामिक जिहादियों द्वारा कश्मीरी हिंदुओं पर किए गए उन बर्बरतापूर्ण अत्याचारों की जिन्हें देश की कथित सेक्यूलर राजनीति ने हमेशा छिपाकर रखा व देश के सामने नहीं आने दिया। हमारे बच्चों के साथ ही आने वाली पीढ़ी को जानकारी होना चाहिए कि हमारे वैदिक सनातन परंपरा के साथ क्या हुआ है।
संत एमबी दास ने कहा कि धर्म तभी सुरक्षित रह सकता है जब राष्ट्र सुरक्षित होगा। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राममंदिर आंदोलन तक संतों ने अहम भूमिका निभाई थी। संत जो भौतिकता से दूर रहते हैं, उनका थिएटर में जाकर फिल्म देखना यह साबित करता है कि जब राष्ट्र की बात आती है तो संत मर्यादाएं लांघ कर राष्ट्र के साथ खड़े होते हैं।
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वशिष्ठ गुरुकुल के निदेशक डॉ. दिलीप सिंह भी फिल्म देखने के बाद बोले कि बॉलीवुड की इस फिल्म ने कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार की फाइलों पर जो ये धूल जमी थी, उसे हटाने का काम किया है। इस फिल्म ने पूरे हिंदुस्तान को झकझोर कर रख दिया है। इससे पूर्व जगु रत्नेश प्रपन्नाचार्य, महंत विवेक आचारी, महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती व डॉ. सत्येंद्र दास वेदांती सहित बड़ी संख्या में संत थिएटर में जाकर फिल्म देख चुके हैं।
जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों पर जुल्म और पलायन पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स जहां एक ओर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है, वहीं इस फिल्म को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 180 कार्यकर्ताओं ने फिल्म देखी और फिल्म समाप्त होने पर संघ प्रार्थना की और जय श्रीराम, भारत माता की जय के नारे लगाए।
जिला संघचालक श्यामचरण जी ने फिल्म की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह मामला अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़ा है। हमें सबसे पहले समाज को सुरक्षित करना होगा । फिल्म देखने वालों में जिला प्रचारक शैलेंद्र, सह जिला कार्यवाह आनंद, पुष्कर दत्त तिवारी, प्रभास शुक्ला व नगर संघचालक महेश सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
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