अयोध्या। कोरिया से सात सदस्यीय टीम सोमवार को अयोध्या पहुंची। इस टीम ने रानी हो पार्क व सरयू तट की वीडियोग्राफी की है। सरयू तट से सटा रानी हो मेमोरियल पार्क भारत-कोरिया के मधुर संबंधों का गवाह है।
अब वृत्तचित्र के जरिए रानी हो की गाथा से भारतवासियों व कोरिया के लोगों को परिचित कराया जाएगा। अयोध्या-कोरिया के संबंधों की कहानी को पूरे विश्व में प्रसारित करने की योजना है।
इस वृत्त चित्र में रानी हो की पूरी गाथा के साथ अयोध्या से उनके गहरे रिश्ते को भी दिखाया जाएगा, जो भारत-कोरिया के मधुर संबंधों की आधारशिला भी है।
किम कांग-हू, हेड ऑफ पीआर एंड मीडिया के नेतृत्व में पहुंची टीम में कोरिया की प्रसिद्ध यू-ट्यूूबर सीही पार्क भी शामिल हैं। जो यहां वीडियोग्राफी करेगी।
इस टीम ने सोमवार को कोरिया की रानी हो की स्मृति में सरयू तट पर बने पार्क की वीडियोग्राफी की। पार्क में बने स्मारक की वीडियोग्राफी करते हुए स्मारक पर कोरियन भाषा में क्या लिखा है इसके बारे में यू-ट्यूूबर सीही पार्क ने बताया।
इसके बाद इस टीम ने सरयू तट की भी वीडियोग्राफी की। इस वीडियो में सरयू तट की भव्यता, पौराणिकता से लोगों को रू-ब-रू कराया जाएगा। अयोध्या की राजकुमारी सूरी रत्ना कोरिया की महारानी बनीं थी।
उनकी स्मृति में ही वर्ष 2001 में कोरियन सरकार द्वारा सरयू तट पर क्वीन हो मेमोरियल पार्क की स्थापना की गई थी। हर वर्ष कोरियाई टीम अयोध्या आकर महारानी को श्रद्धांजलि भी अर्पित करती है।
कोरिया व भारत सरकार ने मिलकर रानी हो मेमोरियल पार्क का विस्तारीकरण कराया है। ढाई एकड़ में 21 करोड़ से पार्क का विस्तारीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। पार्क में कोरिया व भारत के स्थापत्य कला के दर्शन होंगे।
विभिन्न माध्यमों से पार्क में रानी की अयोध्या-कोरिया समुद्री यात्रा को भी दर्शाया गया है। इस दौरान क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव, विकास नारायण सहित अन्य मौजूद रहे।
रामनगरी पहुंची कोरियाई टीम ने राजसदन जाकर अयोध्या राजपरिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की। अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना दो हजार वर्ष पूर्व दैवीय संदेश पाकर सुदीर्घ जलयात्रा से दक्षिण कोरिया पहुंची थी।
जहां उनका विवाह राजा सूरो से हुआ और फिर उनका नाम रानी हो कर दिया गया। अयोध्या के शाही मिश्र परिवार और कोरिया के करक राजवंश का प्रतीक चिह्न एक समान हैं और ये हैं दो मछलियां।
आज की तारीख में कोरिया में करक गोत्र के तकरीबन 60 लाख लोग स्वयं को राजा सूरो और अयोध्या की राजकुमारी का वंशज मानते हैं। अयोध्या पहुंची कोरियाई टीम का बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने स्वागत-अभिनंदन किया और टीम को कोरिया और भारत के मधुर संबंधों से भी अवगत कराया।
कोरिया से आई टीम एक वृत्त चित्र तैयार कर रही है। जिसमें भारत-कोरिया के मधुर संबंधों के साथ-साथ रानी हो की गाथा दर्शायी जाएगी। अयोध्या-कोरिया के संबंधों की कहानी को विश्वव्यापी बनाने की योजना है। इससे अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।-आरपी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी