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धंस गई परिक्रमा मार्ग की सड़क, संभलकर निकले

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अयोध्या में परिक्रमा मार्ग की धंसी सड़क। - फोटो : FAIZABAD
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केस एक
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यह जमथरा में अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा का चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग है। हजारों टन कूड़ा और मृत पशुओं पर झपटते कुत्ते-कौवे, गिद्ध आदि के साथ फैल रही सड़ांध भक्तों और पर्यटकों को परेशान करती है। एनजीटी ने बीते साल 63.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, मगर दुर्दशा देखने मंत्री से लेकर लेकर आला अफसर कभी नहीं आते। वे कैंटोमेंट के दूसरे मार्ग से गुप्तारघाट पहुंचते हैं और प्रशासन की वाहवाही कर लौट जाते हैं।
केस दो
फैजाबाद शहर के हृदय स्थल चौक से महज 700 मीटर दूर यह दृश्य अफीमकोठी का है। यहां तीन सौ मीटर के दायरे में चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग के तीन मीटर दायरे में शीशे की तरह सड़क बनाने का दावा था, मगर हालात किसी पिछड़े गांव की गली से भी बदतर हैं। नाले का पानी सड़क पर बहता है। सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। सोचिए नंगे पांव लाखों भक्त इस रास्ते से कैसे परिक्रमा करेंगे।
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केस तीन
अफीम कोठी इलाके में ही आबादी पार करते ही एक बड़ा कूड़े का ढेर नगरनिगम ने खड़ा कर रखा है, जबकि इसके लिए कोई अनुमति नहीं है और न ही यह पर्यावरण नियमों के अनुकूल है। इसे लेकर एनजीटी ने करीब 50 लाख रुपये की जुर्माना लगाया था, जिसे सिफारिश करके माफ कराया गया और सफाई कर फोटो भेजते हुए माफी मांगी गई थी, लेकिन फिर एक साल में ही हालात पहले जैसे हैं।
अयोध्या। एतिहासिक अफीम कोठी से गुप्तारघाट तक चौदहकोसी परिक्रमा पथ बदहाल है। रामनगरी में प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का नमूना देखना हो तो 14 कोसी परिक्रमा मार्ग चले आइये। गुप्तारघाट से अफीम कोठी तक लगातार बालू के ट्रकों व ट्रॉलियों के जाने से सड़कें टूट कर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
इतना ही नहीं आकाशवाणी कार्यालय जहां से अयोध्या की महिमा का गुणगान होता है वहां कूड़े का ढेर लगा हुआ है। कूड़े के ढेर में ही आधा दर्जन से अधिक जानवर मरे पड़े हैं। लोग नाक पर रुमाल बांध कर यहां से गुजरते हैं।
ये हालात तब है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री का आदेश है कि परिक्रमा मार्ग की सड़कें शीशे की तरह चमकना चाहिए लेकिन 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की हालत गुप्तारघाट घाट से लेकर अफीम कोठी व उसके निचले इलाके की हालत बहुत खराब है।
राममंदिर का फैसला आने के बाद का पहला परिक्रमा नवंबर के आखिरी सप्ताह में पड़ेगा। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या हर वर्ष की दोगुनी होंगी। दूसरी ओर अभी तक न तो सड़कों का चौड़ीकरण हुआ है और न ही सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू हो सका है।
हालात ये है कि चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर चलना दूभर है। गुप्तारघाट से अफीमकोठी तक सड़कों के हालात तो खराब है ही। साथ में अफीमकोठी से नीचे उतरने पर बहादुरगंज तक भी हालत खराब है। यहां भी जगह- जगह कूड़ों का ढेर लगा हुआ है। जगह-जगह मरे जानवर पड़े हुए हैं। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। न ही नगर निगम को इसकी चिंता है और न ही जिला प्रशासन इसकी सुध ले रहा है।
एनजीटी एक बार कैंटोमेंट बोर्ड व नगर निगम को दे चुका है नोटिस
14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर लगे कूड़ों के ढेर कोई नई बात नहीं है। नगर निगम प्रशासन व कैंटोमेंट बोर्ड दोनों 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर कूड़ा फेंक देते हैं। एक बार तो एनजीटी ने दोनों को कड़ी चेतावनी देते हुए कूड़ा हटाने य्व निर्देश दिए थे। दोनों ने तो एनजीटी की सख्ती पर कूड़ा हटाया लेकिन एक बार फिर वही स्थिति है। कैंटोमेंट बोर्ड ने अपने डंपिंग सेंटर तो निगम निगम ने भी कई जगहों पर कूड़ा एकत्रित कर रखा है।
नगर विधायक ने उठाये सवाल
अयोध्या के नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग की बदहाली पर सवाल खड़ा किया है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर ने चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया है। उन्होंने पूरे मार्ग को देखा है और बदहाल मार्ग को परिक्रमा से पहले सुदृढ़ किये जाने की बात कही है। विशेषकर गुप्तारघाट से लेकर अफीमकोठी तक के परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह सही किया जाना है।
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परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण कर अगर कूड़ा डंप मिलता है तो उठवाया जाएगा, साथ ही सफाई कर्मचारियों को हिदायत दी जाएगी कि कूड़ा परिक्रमा मार्ग पर डंप मत करें।
विशाल सिंह, नगर आयुक्त
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