इसी तरह सीवर व पेयजल पाइप बिछाने के काम सड़क बनने के साथ नहीं शुरू होते। टुकड़े-टुकड़े में काम के बजाए एक साथ प्लानिंग होनी चाहिए। जवाब नृपेंद्र मिश्र ने पूछा कि क्या आपके क्षेत्र में राममंदिर का इलाका भी है, विधायक ने कहा, जी सर।
तब नृपेंद्र मिश्र ने पर्यटन विकास से अयोध्या को जोड़ते हुए वैश्विक सिटी बनाने का प्लान बताया। कहा कि राममंदिर ही नहीं, आसपास का पूरा क्षेत्र विकसित होगा। अच्छे काम की क्वालिटी व बेहतर तकनीक से अयोध्या विश्व का एक वैभवशाली शहर बनेगा।
यहां की सांस्कृतिक विरासत के साथ लोगों का भावनात्मक रिश्ता पर्यटकों को बरबस खींच लाएगा, सरकार चाहती है कि यहां धार्मिकता के साथ स्मार्ट सिटी के सभी मानकों को जमीं पर उतारा जाए, ताकि विश्वस्तरीय वैश्विक सिटी का जब मूल्यांकन हो तो अयोध्या का अपना एक स्थान हो।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या के व्यापारी सरकार के बारे में क्या सोचते हैं, इसे विधायक के जरिए जानने की कोशिश की। उन्होंने पहले अयोध्या के कारोबार जगत का हाल-चाल लिया, फिर पूछा कि मंदी पर व्यापारी क्या सोचते हैं। इसके बाद जीएसटी पर भी विधायक से फीडबैक लिया।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के राममंदिर निर्माण समिति के प्रमुख व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को लखनऊ जाने से पहले कहा कि टेक्निकल टीम के साथ शनिवार को वे रामजन्मभूमि परिसर का जायजा ले चुके हैं।
कहा कि तकनीकी टीम में एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिवाकर त्रिपाठी व नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष एके मित्तल शामिल रहे। राममंदिर के निर्माण कार्य में रामनवमी के बाद तेजी आएगी।
पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि राममंदिर निर्माण शुरू करने से पहले तकनीकी टीम परिसर का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट 25 मार्च तक सौंपेंगी। टीम की रिपोर्ट के बाद ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक होगी। कहा कि ट्रस्ट ने मीडिया से बातचीत के लिए महासचिव चंपत राय को अधिकृत किया है।
अगली बैठक की पूरी जानकारी वही दे सकते हैं। उधर, डीएम अनुज कुमार झा ने अयोध्या या किसी अन्य स्थान पर तीन व चार मार्च को संभावित बैठक से इनकार करते हुए कहा कि ट्रस्ट के सदस्यों के कहीं न कहीं प्रोग्राम लगे हुए हैं। अब तकनीकी टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही ट्रस्ट की बैठक हो सकती है।