दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर उन्होंने कहा कि मारने वाले बहुत कम होते हैं, वो कभी मरते नहीं और मरने वाले कभी दंगे में नहीं होते। वह सिर्फ दंगे के शिकार होते हैं। मारने वाले मारकर भाग जाते हैं। यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी ही बारीकी से छानबीन करके काम करना पड़ता है। इसलिए इस कृत्य की तो निंदा होनी चाहिए।
सीएए के विरोध में शाहीनबाग व लखनऊ में हुई हिंसा पर उमा भारती ने कहा कि यह तो साजिश है। इससे बड़ा फैसला था राम मंदिर का निर्माण, तीन तलाक, 370 धारा सबने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। देश में शांति और अमन कायम रहा।
वहीं धरने पर बैठी महिलाओं के बारे में उमा भारती ने कहा कि उन्हें तो पता ही नहीं है कि सीएए है क्या। धरने पर बैठी महिलाएं तो दैवीय शक्तियां हैं लेकिन उन्हें बैठाने वाले निश्चित रूप से राक्षसी प्रवृत्ति के लोग हैं। महिलाओं को गलत तरीके से मोटीवेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब रामलला जहां बैठे हैं, वहीं राम मंदिर का निर्माण होगा। कारसेवकों का बलिदान काम आएगा। अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। मंदिर के निर्माण में जिनका भी योगदान रहा सभी का अभिनंदन है।