अयोध्या। रामायण सर्किट योजना के अंतर्गत सरयू तट स्थित रामकथा संग्रहालय में जल्द ही डिजिटल गैलरी का शुभारंभ हो जाएगा। ऐसे में बहुत शीघ्र ही रामकथा की डिजिटल प्रस्तुति की योजना साकार होने जा रही है।
रामकथा संग्रहालय में 10 करोड़ की लागत से चल रहा डिजिटल गैलरी निर्माण का काम 75 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। चार गैलरी बनकर तैयार है। हर गैलरी में 30 लोग बैठ सकेंगे।
प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राफिक, थ्रीडी तकनीक व एलईडी से रामकथा का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। डिजिटल रामायण गैलरी में राम की गाथा जीवंत प्रतीत होती दिखेगी। संस्कृति विभाग ने इस योजना के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया है।
कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम द्वारा डिजिटल गैलरी का निर्माण रामकथा संग्रहालय में कराया जा रहा है। जिसका 75 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
इस योजना की लागत 13.87 करोड़ रुपये थी हालांकि टेंडर 10 करोड़ में ही हुआ है। बताया कि इस योजना के तहत रामकथा संग्रहालय में एक ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
ऑडिटोरियम में चार गैलरी बनाई जानी है, जो बनकर तैयार हो चुकी है। प्रत्येक गैलरी में 30 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। डिजिटल रामायण गैलरी में रामायण की थीम पर ऑडियो, वीडियो विजुअल के माध्यम से रामायण के चरित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस योजना के तहत अभी तक जो श्रद्धालु रामायण को किताबों में और टीवी सीरियल के माध्यम से देखा करते थे वह सारे प्रसंग नए अंदाज में यहां देख सकेंगे। बताया गया कि चार गैलरी में अलग-अलग तरीकों से रामकथा की डिजिटल प्रस्तुत की जाएगी।
एक गैलरी में बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन पर रामकथा का मंचन होगा। तो दूसरे में थ्री डी तकनीक से रामायण युग जीवंत होता दिखेगा। इसी तरह दो अन्य गैलरियों में होलोग्राफिक व प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से रामकथा की प्रस्तुति की जाएगी।
हर गैलरी में लगभग 10 मिनट का प्रभु श्रीराम के जीवन काल के प्रसंगों पर आधारित कथा का प्रदर्शन होगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक डिजिटल तरीके से रामकथा का आनंद उठा सकेंगे।
कार्यदाई संस्था यूपी आरएनएन द्वारा बताया गया कि बजट के अभाव में शेष काम अभी रुका हुआ है। बजट स्वीकृत होते ही शीघ्र ही काम पूरा कर लिया जाएगा।
रामकथा की डिजिटल प्रस्तुति के तहत प्रभु श्रीराम की कथा का प्रारंभ उसके इतिहास से होगा। जिसमें सूर्यवंशी राजाओं का संपूर्ण इतिहास सम्मिलत होगा। जो भी चित्र बनाए जा रहे हैं उन पर पहले गहन शोध किया जा रहा है।
हर चरित्र के मुख के भाव की अभिव्यक्ति का उसमें समावेश होगा। प्रभु श्रीराम की कथा को ऐसे दर्शाया जाएगा जिससे बच्चे एवं युवा उनकी जीवनी से भली-भांति परिचित हो सकें और उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास कर सकें।
डिजिटल रामकथा की स्क्रिप्ट अयोध्या राजघराने के सदस्य यतींद्र मिश्र ने तैयार की है, जिसे शासन से स्वीकृति भी मिल गई।
रामकथा आधारित डिजिटल गैलरी का निर्माण का लगभग 75 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। अभी बजट के अभाव में शेष काम रुका है। चुनाव समाप्त होने के बाद जैसे ही शेष बजट स्वीकृत होगा डिजिटल गैलरी का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा और इसका संचालन भी भक्तों के लिए प्रारंभ कर दिया जाएगा।- आरपी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अयोध्या