बीकापुर विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत विकासखंड क्षेत्र के सराय भनौली मजरा नियाई गांव में करीब एक वर्ष पूर्व पंडित दीनदयाल विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण कराए जाने की शुरुआत की गई।
पूरे गांव में पोल व उपभोक्ताओं के घर मीटर लग गए, लेकिन आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं की गई है। गांव के राहुल, रामनाथ चौरसिया, अंजली चौरसिया, राम तिलक चौरसिया, आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि विद्युतीकरण का कार्य अधूरा होने के बावजूद विद्युत बिल आ रहा है। विद्युत उपकेंद्र बीकापुर सहित सांसद से भी शिकायत की जा चुकी है। अवर अभियंता दिलीप कनौजिया ने बताया कि निजी कंपनी का ठेका है। जानकारी करेंगे।
तारुन विकासखंड के ग्राम पंचायत हथिगो के लाला का पूरा गांव के लोग अभी तक विद्युतीकरण योजना के लाभ से वंचित हैं। लाला का पुरवा गांव में करीब 30 परिवार निवास करते हैं। गांव के बाहर लगे विद्युत पोल से जमीन के बराबर लटकी हुई केबल खींचकर घर को उजाला कर रहे हैं। गांव निवासी नरसिंह शर्मा, राजेश कुमार सहित ने बताया कि बांस-बल्ली के सहारे विद्युत कनेक्शन दूर से लाया जा रहा है। हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अयोध्या। जिले में विद्युतीकरण के इंफ्रास्ट्रक्चर पर 500 करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने के बाद भी कई गांवों में बिजली नहीं पहुंची। कहीं पोल तिरछे हो गए तो कहीं ट्रांसफार्मर-कंडक्टर, मीटर खराब हो गए। शहर में भी बड़ी संख्या में घटिया एबीसी वायर लगाने से तार टूटने की घटनाएं हो रही हैं।
अभी भी जिले में 22 हजार परिवार अंधेरे में रह रहा है। इस मामले को जनप्रतिनिधियोें ने बुधवार को यहां प्रभारी मंत्री के समक्ष उठाया तो अब डीएम ने समिति बनाकर जांच की कवायद शुरू की है। फिलहाल मामले में डीएम अनुज कुमार झा ने संबंधित शिकायत-दस्तावेज को एकत्रित कर जांच कराने की बात कही है।
केंद्र सरकार की योजना के तहत पिछली पंचवर्षीय कार्यकाल में प्रत्येक गांव को विद्युतीकृत जाने के साथ सभी को विद्युत कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए सरकार ने सौभाग्य योजना लांच की थी जो बीते मार्च माह में समाप्त हो गई।
योजना के तहत हाउस होल्ड के कराए गए सर्वे के अनुसार जिले में दो लाख 82 हजार परिवारों को विद्युत कनेक्शन दिया जाना था। शुरुआती दौर में पावर कारपोरेशन ने नए कनेक्शन दिए लेकिन बाद में बहुत से घर व परिवार हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार नहीं मिले।
इस पर जिलाधिकारी व पावर कारपोरेशन की संयुक्त टीम ने सर्वे कर पाया की पूर्व के सर्वे में व्यापक खामियां हैं। इसमें कनेक्शनों की संख्या दोगुनी से भी अधिक कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कनेक्शनों की संख्या घटकर 1 लाख 6 हजार के आसपास हो गई। पावर कारपोरेशन ने कनेक्शन दिए जाने का सिलसिला शुरू किया लेकिन योजना के बंद होने तक 22 हजार परिवार विद्युत से वंचित रह गए। हालांकि जिले के सभी 629 ग्राम सभाएं विद्युतकृत हो गई। कुछ मजरों में अभी भी काम चल रहा है। अब सरकार की नई योजना के तहत छूटे 22 हजार परिवारों को निशुल्क विद्युत कनेक्शन दिया जाना है। ये काम 2 अक्तूबर तक पूरा होना है।