अयोध्या। राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा श्रीलंका से अयोध्या तक स्थित श्रीराम वनगमन पथ काव्य यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन शिवरात्रि से शुरू होगा जो श्रीरामनवमी पर समाप्त होगा। यह जानकारी राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अशोक बत्रा ने शहर के एक होटल में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में दी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान इस पथ पर पड़ने वाले देश के विभिन्न प्रांतों के प्रमुख 200 से अधिक स्थानों पर काव्य गोष्ठियों व साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि लगभग 45 दिनों तक 65 सौ किमी. की यात्रा करने के बाद यह यात्रा 6 अप्रैल 2022 को अयोध्या के नंदीग्राम में प्रवेश करेगी। इस अवसर पर नंदीग्राम में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन भी प्रस्तावित है। 7 अप्रैल को श्रीरामजन्मभूमि परिसर में यात्रा का रथ प्रवेश करेगा जहां रामलला का विशेष पूजन-अर्चन एवं श्री रामेश्वरम से लाए गए जल का अर्पण किया जाएगा।
इसके अलावा 8 अप्रैल को दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन एवं 9 अप्रैल की शाम से 10 अप्रैल की शाम तक अखंड काव्य पाठ का आयोजन अयोध्या में होगा। डॉ. अशोक बत्रा ने बताया कि यात्रा के दौरान इस पथ पर पड़ने वाले देश के विभिन्न प्रांतों के प्रमुख 200 से अधिक स्थानों पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न स्थानों पर काव्य गोष्ठियों, साहित्यिक कार्यक्रमों एवं कवि सम्मेलनों का आयोजन भी किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांतीय संरक्षक अशोक सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष शिव कुमार व्यास, प्रांतीय सलाहकार हरीश श्रीवास्तव, प्रांतीय अध्यक्ष अजय प्रधान, प्रांत महामंत्री रवि तिवारी, जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, शक्ति सिंह, प्रवीण सिंह, बृजेंद्र दुबे व प्रशांत गौड़ समेत अन्य मौजूद रहे।
जगदीश मित्तल ने कहा कि इस यात्रा से पूरे देश के अंदर एक राममय सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण होगा। हमें भी देखना चाहिए कि भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष वनवास के समय कैसा जीवन व्यतीत किया। राम का काम हमारे जीवन का सर्वश्रेष्ठ काम है, इससे विश्व कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राष्ट्रीय कवि संगम का एक प्रतिनिधिमंडल श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मिला व कार्यक्रम के बारे में चर्चा की। इस दौरान चंपत राय ने यात्रा की सकुशल पूर्णता हेतु शुभकामना देते हुए कहा कि अयोध्या में इस प्रकार की भव्य यात्रा का हार्दिक स्वागत किया जाएगा।