अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन राममंदिर के गर्भगृह में रामलला की कौन सी मूर्ति विराजित होगी इसको लेकर चर्चाएं छिड़ गई हैं। 18 व 19 अप्रैल को अयोध्या में हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व राममंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक में इसको लेकर चर्चा हुई है। राममंदिर में रामलला की एक चल और एक अचल मूर्ति स्थापित की जाए इस पर विचार हुआ। ट्रस्ट का कहना है कि 70 साल से जिस रामलला की पूजा-अर्चना हो रही है उसे ही गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
राममंदिर के गर्भगृह में रामलला की कौन सी मूर्ति विराजित होगी इस पर छिड़ी चर्चा के बीच ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि जो मूर्ति वर्तमान में पूजित है वही स्थापित की जाएगी। ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र का कहना है कि 70 साल से रामलला की जिस मूर्ति की पूजा-अर्चना की जा रही है उसे हटाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। जो रामलला इतने दिनों तक कोर्ट में मुकदमा लड़े, उनको कैसे हटाया जा सकता है।
कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है साथ ही यह दो सौ प्रतिशत अटल है कि गर्भगृह में रामलला की वर्तमान पूजित चल मूर्ति ही स्थापित की जाएगी। हालांकि इसके अलावा मंदिर में अचल प्रतिमा के रूप में एक बड़ी मूर्ति भी प्राण प्रतिष्ठित करने को लेकर सुझाव आया है। यह मूर्ति कैसी होगी, कितनी बड़ी होगी, किस धातु की बनाई जाएगी, इसको लेकर अभी मंथन चल रहा है।
बताया कि वर्तमान पूजित रामलला व चारों भाईयों की मूर्ति उत्सव मूर्ति के रूप में विराजित हैं, यह प्राण प्रतिष्ठित नहीं है। एक ऐसी बड़ी मूर्ति को प्राण प्रतिष्ठित किए जाने का विचार चल रहा है जो अचल होगी। इस पर संत-धर्माचार्य, वास्तु शास्त्रियों आदि की राय ली जा रही है।