अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के साथ ही प्रशस्त होती अयोध्या के पर्यटन विकास की संभावनाओं के बीच पूरी दुनिया अयोध्या आने को आतुर नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव 2022 के पहले रामनगरी अयोध्या आस्था के साथ राजनीति का भी प्रमुख केंद्र बन चुकी है।
अब आगामी 18 दिसंबर को देश के करीब 100 महापौर भी अयोध्या आकर रामलला के प्रति अपनी आस्था अर्पित करेंगे। विकसित हो रही नई अयोध्या के मॉडल, राम मंदिर निर्माण कार्य और पर्यटन सिटी के लिए हो रहे विकास कार्यों से भी रूबरू होंगे। इनके भव्य स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
एक दिन पूर्व ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में अयोध्या पहुंचे आठ राज्यों के मुख्यमंत्री व पांच उप मुख्यमंत्री ने रामलला सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। वाराणसी में 17 दिसंबर को भारत के महानगरों के महापौर का राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन होने जा रहा है। इस सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे।
इसके बाद सभी महापौर प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली श्री अयोध्या धाम में 18 दिसंबर को आ रहे हैं। दोपहर 12 बजे देवकाली स्थित हाईवे के बगल पंचशील होटल में इनके रुकने की व्यवस्था की गई है। यहां पर महापौर का भव्यता पूर्वक रामनगरी की गरिमा के अनुकूल स्वागत व अभिनंदन की तैयारी की जा रही है।
अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि करीब 100 महापौर के आने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अयोध्या का पौराणिक गौरव लौट रहा है। आस्था के साथ विकास के पथ पर भी रामनगरी अग्रसर है। अब हर कोई अयोध्या आना चाहता है।
अतिथि देवो भव की परंपरा का पालन करते हुए अयोध्या की संस्कृति के मुताबिक उनका भव्य सम्मान करेंगे। बताया कि सभी महापौर रामलला का दर्शन करेंगे, हनुमानगढ़ी जाएंगे फिर सरयू आरती के उपरांत सभी की वापसी प्रस्तावित है।