जिले के कई गांवों में बनाए जा रहे अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण में लापरवाही बरती गई। जांच में मामला पकड़ा गया तो 10 गांवों के सचिवों से काम न पूरा करा पाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसे लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
गांव में दाह संस्कार की सुविधा के लिए अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण की योजना है। इसके तहत गांवों का चयन करके निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी गई। पिछले वित्तीय साल में ही इन गांवों के लिए 13 लाख 23 हजार रुपये की राशि खातों में भेज दी गई।
योजना के तहत अंत्येष्टि स्थल पर शेड, बैठने के लिए शांति स्थल, लकड़ी, भंडार गृह, ऑफिस, हैंडपंप, शौचालय का स्नानागार, पानी निकासी, शवदाह स्थल पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, स्नान के लिए चबूतरे और बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाना है।
पिछले दिनों डीपीआरओ एके सिंह ने मयाबाजार के गोकुलपुर, पूराबाजार के कछौली, तारुन के हथिगो, बीकापुर के खजुरहट, हैरिंंगटनगंज के पारताजपुर, अमानीगंज के महुआ, मिल्कीपुर के मजनाई, मसौधा के अंतपुर, रुदौली के इचौलिया, मवई के नूरपुर गांव के निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थलों का निरीक्षण किया।
जांच में पाया कि धन आवंटन के लगभग आठ माह बाद भी मानक के अनुसार अंत्येष्टि स्थल का निर्माण पूरा नहीं कराया गया। कहीं हैंडपंप, स्नानागार, तो कहीं इंटरलॉकिंग का निर्माण कार्य अधूरा था।
डीपीआरओ एके सिंह ने बताया कि जांच में लापरवाही पाई गई है। इसके लिए सचिवों को कार्य पूराकर प्रमाणपत्र और फोटोग्राफ दिए जाने के लिए कहा गया है। ऐसा न कर पाने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।