इससे पूर्व गुरुवार सुबह पहुंचने पर संघ प्रमुख को कार्यकर्ताओं ने सलामी दी। स्वयंसेवकों ने लाठी भांजना सहित अन्य कला कौशल का प्रदर्शन किया। सुबह करीब ढाई घंटे तक 12 टोलियों में संघ के स्वयंसेवकों ने शारीरिक वर्ग के तहत अभ्यास किया। संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों को नियमित शारीरिक क्रियाएं करते रहने पर जोर दिया। इस दौरान संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसेबाले, अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख सुनील कुलकर्णी सहित अन्य कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ के वर्ग में 45 प्रांत इकाईयों के लगभग 500 कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। शारीरिक वर्ग का समापन शुक्रवार को होगा, जबकि शनिवार को कार्यकर्ताओं का दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा।
स्वयंसेवकों को बताए गए वर्ग के मायने
शारीरिक वर्ग में शामिल देश भर के स्वयंसेवकों को विभिन्न सत्रों में संघ के पदाधिकारियों ने संघ के वर्ग के मायने बताए। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को बताया कि वर्ग में स्वयंसेवक की शारीरिक व मानसिक क्षमता बढ़ती है। इसका लाभ वर्ग के बाद उसकी शाखा को मिलता है। इससे शाखा की गुणवत्ता बढ़ती है व नए स्थानों पर शाखाओं का विस्तार होता है। पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ग के अनुशासन और दिनचर्या का स्वयंसेवक के जीवन पर कितना प्रभाव पड़ता है।