अयोध्या। कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सुरक्षा घेरे को जरूरी टीकाकरण अयोध्या मंडल में अब तेजी पकड़ने लगा है। मंडल के सभी पांच जिलों में तेजी से हो रहे टीकाकरण के चलते अब तक 52.76 लाख लोग टीके की पहली खुराक लेकर खुद को काफी हद तक संक्रमण से सुरक्षित कर चुके हैं। मंडलीय जिलों में सबसे आगे अमेठी जनपद है, जबकि अयोध्या फिलहाल चौथे पायदान पर है।
शुरुआती दौर में कोरोना से बचाव का टीकाकरण जब शुरू हुआ तो टीके के प्रति फैलाई गई तमाम अफवाहों की वजह से लोगों का रुझान इसके प्रति कम दिखा और कई दिनों तक टीकाकरण केंद्रों पर सन्नाटा पसरा दिखा। अभियान के तहत संचालित जागरूकता अभियान के बाद लोगों को टीकाकरण की अहमियत समझ में आने लगी।
इसके बाद से मंडल में आने वाले सभी जिलों में टीकाकरण कार्य ने स्पीड पकड़ी है। वर्तमान में टीका लगवाने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े दर्शाते है कि अयोध्या मंडल में अनुमानित 92.23 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य तय है। इसके सापेक्ष 28 सितंबर तक करीब 52.76 लाख लोगों को टीके की पहली खुराक लग चुकी है।
यह कुल लक्ष्य का करीब 57 फीसदी है। मंडल में टीकाकरण के मामले में अमेठी जनपद सबसे आगे है। यहां अब तक लक्ष्य के सापेक्ष करीब 61 फीसदी लोगों ने पहली खुराक लगवा ली है। दूसरे पायदान पर 60 फीसदी टीकाकरण के साथ बाराबंकी और 56 फीसदी टीकाकरण के साथ सुल्तानपुर तीसरे स्थान पर है।
अयोध्या और अंबेडकरनगर जिले टीकाकरण को लेकर फिसड्डी बने हैं। यहां अभी तक 55 व 54 फीसदी टीकाकरण ही हुआ है। फिर भी प्रदेश के औसत टीकाकरण के सापेक्ष मंडल की स्थिति बेहतर बनी हुई है। स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण में प्रदेश का औसत 85 फीसदी जबकि अयोध्या मंडल का 86 फीसदी है।
इसी तरह फ्रंटलाइन वर्कर्स के औसत टीकाकरण 99 फीसदी के सापेक्ष मंडल का 106 फीसदी, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का औसत टीकाकरण 66 फीसदी व मंडल का 69 फीसदी और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का औसत टीकाकरण 50.9 फीसदी के सापेक्ष मंडल का 51 फीसदी है। जो टीकाकरण की रफ्तार मंडल में संतोषजनक बना रही है।
प्रदेश के औसत टीकाकरण से अयोध्या मंडल के टीकाकरण की रफ्तार बेहतर है। सभी जिलों में टीकाकरण में और तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। आमजन को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हुए टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए। कोरोना जैसी महामारी को दूर भगाने में यही सबसे कारगर हथियार है। -डॉ. सतीश श्रीवास्तव, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल