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महाशिवरात्रि आज, चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध

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अयोध्या। रामनगरी भी शिव की उपासना का प्रधान केंद्र है। इसकी तस्दीक महाशिवरात्रि के पर्व पर भी होती है। महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा।
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इस अवसर पर रामनगरी में भक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा रामनगरी अयोध्या में चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
शिवरात्रि के लिए रामनगरी के शिव मंदिरों को सजाया-संवारा गया है, कई शिव मंदिरों में अनुष्ठान भी शुरू हो गए हैं। श्रीराम की उपासना में लीन रहने वाली अयोध्या शिव की उपासना में भी लीन हो गई है।
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महाशिवरात्रि पर्व पर मंगलवार को रामनगरी में हर-हर महादेव की गूंज होगी। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचकर एतिहासिक शिवमंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पूजन-अर्चन कर अपनी आस्था निवेदित करेंगे।
इसको लेकर जिले भर के शिवालयों को सजाया, संवारा गया है। प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। आसपास के जिलों बस्ती, गोंडा, हरैया, नवाबगंज सहित शहर के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तों का रेला महाशिवरात्रि पर्व पर रामनगरी में उमड़ेगा।
इसको लेकर रामनगरी की सुरक्षा सख्त करते हुए रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि मुख्य मार्ग पर मंगलवार को चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
स्नानघाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, नागेश्वरनाथ सहित अन्य शिव मंदिरों की निगरानी सीसीटीवी के जरिए की जाएगी। नागेश्वरनाथ मंदिर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य शिवबरात निकाली जाएगी।
नागेश्वर मंदिर में इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बरात में ब्रह्मा, विष्णु, इंद्रादिक देवताओं की भव्य झांकी व लोकनृत्य आकर्षण का केंद्र होंगे। बरात रात्रि आठ बजे गाजे-बाजे के साथ निकलेगी और मुख्य मार्ग होते हुए क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेगी।
जहां बरात का भव्य स्वागत किया जाएगा और भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर दुर्लभ पंचयोग बन रहा है। आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि इस शिवरात्रि पर पंच योग चतुर्दशी, मंगलवार, धनिष्ठा नक्षत्र और शिव योग का दुर्लभ संयोग होने से यह विशेष फलदायी होगी।
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शिवपुराण के मुताबिक इस दिन पूजन-अर्चन सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला होगा। शिवरात्रि एक मार्च को तड़के 3.16 बजे से शुरू होगी। चार प्रहर की पूजा का समय शाम हो शुरू होगा। प्रथम पहर शाम 7.07 बजे, द्वितीय प्रहर रात 9.13 बजे से शुरू होगा। तीसरा प्रहर मध्यरात्रि में 12.08 बजे व चतुर्थ प्रहर रात 3.24 बजे से शुरू होगा।
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