अयोध्या। पिता की जगह अनुकंपा के आधार पर नौकरीपाने और जीपीएफ व बीमा का पैसा हड़पने के लिए सौतेली मां के हत्यारे पुत्र और उसके साथी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर सवा लाख रुपये जुर्माना भी हुआ है।
फैसला अपर जिला जज पूजा सिंह की अदालत से मंगलवार को हुआ। एडीजीसी रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि महिला सुशीला देवी अंबेडकरनगर जिले की रहने वाली थी।
उसकी हत्या कर के लाश अयोध्या कोतवाली के माझा बरहटा गांव में फेंक दी गई थी। विवेचना में पता चला कि भीटी थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव की रहने वाली सुशीला देवी की शादी शंकरपुर थाना छावनी जिला बस्ती निवासी सूर्य लाल यादव के साथ हुई थी।
11 साल बाद उसने सूर्य लाल को छोड़कर रामराज शर्मा निवासी भटपुरा जो पीएसी में नौकरी करते थे उनके साथ शादी कर ली। रामराज की पहली पत्नी से दो पुत्र प्रवेश कुमार ,दिनेश कुमार और एक लड़की थी।
2008 में रामराज की मौत नौकरी के दौरान ही हो गई। उसके जीपीएफ व बीमा का पैसा और नौकरी हासिल करने के लिए सुशीला और उसके सौतेले लड़के प्रवेश कुमार में विवाद होने लगा।
प्रवेश कुमार ने बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के छतौना गांव निवासी राम दुलारे शर्मा के साथ मिलकर सुशीला की हत्या कर दी। जांच में असलियत खुलने के बाद विवेचक ने प्रवेश कुमार शर्मा की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया और दोनों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया ।सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए दोनों को सजा सुनाई।