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हत्या के मामले में पिता व तीन पुत्रों को उम्रकैद

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अयोध्या। अधिवक्ता के युवा पुत्र की हत्या के मामले में कोर्ट ने पिता व उसके तीन पुत्रों को हत्या व आपराधिक षड़यंत्र का दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 80 हजार रुपये का जुर्माना भी हुआ है। फैसला अपर जिला जज पूजा सिंह की अदालत से शनिवार को हुआ।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश तिवारी ने बताया कि घटना पहली मार्च, 1999 की है। हत्या के पीछे कारण यह था कि आरोपी दिनेश शुक्ला और अजय शुक्ला साथ-साथ पढ़ते थे। दिनेश के घर आते-जाते अजय का प्रेम संबंध दिनेश की बहन से हो गया। इसकी जानकारी होने पर घटना वाले दिन दिनेश अजय के घर गया। वहां से उसको बाइक पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गया और अपने भाई राजेश, राकेश व पिता जगदीश शुक्ला निवासी जयपालपुर, थाना लंभुआ, जिला सुल्तानपुर के सहयोग से अजय को गोली मार दी।
घायल अवस्था में पुलिस ने अजय को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया जहां दूसरे दिन उसकी मौत हो गई थी। इसकी एफआईआर चारों लोगों के खिलाफ अधिवक्ता हरिहर प्रसाद शुक्ला ने जानलेवा हमला की धारा में लिखवाई थी। अजय की मौत के बाद मामले को पुलिस ने अपहरण और हत्या की धारा में तब्दील कर दी।
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विवेचना में पुलिस आरोपियों के प्रभाव में थी और सही विवेचना नहीं कर रही थी। इसलिए मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर को सौंपी गई और उन्होंने मामले की विवेचना करके आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर मामला विचारण के लिए सुल्तानपुर से फैजाबाद स्थानांतरित किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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