डिपो से विभिन्न डिपो तक गई रोडवेज बसों के चालकों को विरोध का भी सामना करना पड़ा। लखनऊ, गोरखपुर तथा इलाहाबाद डिपो के पहले ही बसें यात्रियों को उतार वापस लौट आईं।
रूटों पर बसों की आवाजाही कम होने के चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा तथा गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्री प्राइवेट वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हुए।
हड़ताल के मद्देनजर रोडवेज महकमे ने बसों के संचालन को लेकर सुबह से ही मशक्कत शुरू कर दी थी। आशंका के मद्देनजर डिपो पर चालकों व परिचालकों तथा अन्य कमियों की आवाजाही तथा गहमागहमी रोज की अपेक्षा सीमित दिखी।
रोजाना के 60 बसों के संचालन के क्रम में महकमा 50 बसें विभिन्न रूटों पर रवाना कर चुका था। अन्य डिपो पर हड़ताल का असर होने के चलते गैर जनपदों से आने वाली बसों का आमद-दरफ्त सीमित दिखी।
जिसके चलते आम यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और प्राइवेट वाहनों से अधिक किराया देकर यात्रा को मजबूर होना पड़ा। डिपो से लखनऊ, गोरखपुर तथा इलाहाबाद भेजी गई बसें हड़ताली कर्मियों के विरोध का शिकार हुईं।
मौके की नजाकत देख लखनऊ के पॉलीटेक्निक, गोरखपुर के नौगढ़ तथा इलाहाबाद के फाफामऊ से बसों को डिपो वापस बुला लिया गया।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज रामलवट ने बताया कि डिपो से रोज की तरह बसों का संचालन किया गया। हड़ताल से प्रभावित गोरखपुर, लखनऊ व इलाहाबाद क्षेत्र में यहां से गई बसों को विरोध का शिकार होना पड़ा है। फिलहाल विभाग यात्री सुविधा को सुचारु रुखने की कवायद में जुटा हुआ है।