अयोध्या। श्रीकृष्ण कृपा एवं जीओ गीता परिवार की ओर से श्रीराम सत्संग भवन अयोध्या धाम में आयोजित चार दिवसीय सत्संग समारोह में महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भारत अवतारों, त्योहारों एवं तीर्थों की दिव्य धरा है। वास्तव में जहां-जहां, जब-जब भगवान ने अवतार लिया और लीलाएं कीं, वे स्थान जन-जन की आस्थाओं का केंद्र बन गये और हजारों वर्षों के बाद भी तीर्थों के रूप में वो आस्था आज भी जीवंत है। वास्तव में आस्था की मजबूत नींव ही भारतीय संस्कृति एक मजबूत पक्ष है।
उन्होंने कहा कि श्री अयोध्या धाम ऐसा ही एक दिव्य तीर्थ क्षेत्र है जहां स्वयं भगवान राम ने धर्म की स्थापना के लिए अवतार लिया। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि आज भी अयोध्या धाम का सात पुरियों में से पहले क्रम आता है। लोगों की श्रद्धा भावना देखते ही बनती है।
ऐसे अयोध्या धाम में देशभर से 1500 से अधिक श्रद्धालु आज एकत्रित हुए जहां एक ओर ये भक्तजन श्रीराम जन्म भूमि पर निर्मित हो रहे प्रभु राम के दिव्य मंदिर निर्माण का दर्शन लाभ प्राप्त करके कृतार्थ हो रहे हैं। वहीं अगले चार दिन तक यहां गीतामय राम और राममय गीता इस भाव से सत्संग का लाभ भी प्राप्त करेंगे।
स्वामी ज्ञानानंद जी का सत्संग के साथ सेवा का विशेष भाव स्वरूप रहता ही है जिसके चलते जहां पहले से ही अनेक नगरों में गऊ सेवा, चिकित्सा सेवा एवं निशुल्क राशन सेवा चल रही है। इस अवसर पर प्रदीप मित्तल, भागीरथ पचेरीवाला व अरुण अग्रवाल सहित अन्य मौजूद रहे।