अयोध्या। महाराष्ट व गुजरात में आए ताऊते तूफान का असर जनपद में दिख रहा है। जिले में बुधवार सुबह से ही काले घने बादल छाए रहे। दिन भर हवा के साथ रिमझिम बरसात होती रही। इससे तापमान में कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटे बादल छाए रहेंगेे व बारिश भी होने के आसार हैं। बुधवार को जिले में 17 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई।
ताऊते तूफान का असर पूरे उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। जिले में बुधवार सुबह से काले घने बादल छाए रहे और हवा के साथ रिमझिम बरसात हो रही थी। बरसात का यह क्रम रुक रुककर दिन भर चलता रहा। रुदौली, बीकापुर, मिल्कीपुर के कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बरसात भी हुुई। इससे जगह जगह जलभराव की भी स्थिति बन गई।
वहीं, घने बादलों के चलते हाईवे पर वाहन दिन में ही लाइट जलाकर चलते हुए नजर आए। मौसम के इस बदले मिजाज का असर तापमान पर भी पड़ा। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटे पूर्वी उत्तर प्रदेश में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे व बारिश होने के आसार हैं।
बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 27.5 व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 12.5 डिग्री कम रहा। जिले में 17 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के प्रसार निदेशालय के निदेशक डॉ. एपी राव ने बताया कि कई दिन से लगातार बारिश एवं मौसम विभाग द्वारा ताऊते तूफान का उत्तर प्रदेश में पहुंचने का अलर्ट जारी किया गया है।
कई किसानों ने वर्तमान में लता वाली सब्जियां जैसे लौकी, कद्दू , करेला, तोरई, परवल आदि की खेती समतल जमीन पर की है। जिससे जलभराव या अधिक पानी के कारण पौधे का पीलापन बढ़ना एवं रोग तथा कीट की संभावना अधिक बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में यदि संभव हो तो लताओं को बांस के मचान बनाकर सहारा दे तथा जड़ के पास की मिट्टी को ऊंचा करें।
जिससे जड़ में पानी कम से कम पहुंचे। यूरिया की टॉप ड्रेसिंग बारिश के बाद हल्की मात्रा में करें। वही जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह ने बताया कि यह बरसात किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। ओले के साथ बारिश होती तो किसानों को नुकसान होता, लेकिन इस बारिश से बहुत लाभ मिलने की उम्मीद है। बताया कि खेतों में पर्याप्त नमी होने से जुताई में भी सहूलियत मिलेगी और किसानों की सिंचाई से भी बचत होगी।