पहाड़ों की बर्फबारी, पछुआ हवा व गिरते कोहरे से मैदानी इलाकों में गलन और बढ़ गई है। पछुआ हवा चली तो आमजन के साथ बेजुबानों की मुश्किलें और बढ़ गईं। सुबह और दोपहर का पारा लुढ़क गया।
कोहरा और हवा का रुख नहीं बदला तो अगले दो-तीन दिनों में गलन व ठंड में और इजाफा होगा। नगर निकायों और तहसील प्रशासन की ओर से कहीं भी अलाव नहीं जले हैं।
गरीबों, बेसहारों के बीच कंबल वितरण भी नहीं हुआ है। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर बैठे यात्री ठंड से कांपते रहे। सूर्य की रोशनी मद्धिम रहने से हर किसी की दिक्कतें और बढ़ गईं। स्कूल जाते बच्चे ठंड से सिकुड़े रहे।
नरेंद्र देव कृषि विवि. कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डा. अमरनाथ मिश्र ने भी अगले कुछ दिनों में ठंड और गलन के और बढ़ने की संभावना जताई है।
कहा, कोहरा हल्का जरूर हुआ है, लेकिन पहाड़ों पर होती बर्फबारी से पछुआ हवा मैदानों तक पहुंच रही है। ऐसे में गलन बढ़नी ही है। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
सुबह का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम पांच पर पहुंच गया है। आर्द्रता सौ फीसदी हो गई है। अगले कुछ दिनों में गलन और बढ़ सकती है। कहा, मौसम के और करवट लेने और पारा लुढ़कने की उम्मीद है।