अयोध्या। साकेत महाविद्यालय में चार शिक्षकों को पानी की जगह अम्लीय जल (तेजाब) पिलाने की घटना की जांच पांच सदस्यीय समिति करेगी। साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारी को भी चेतावनी पत्र जारी किया है।
साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अभय कुमार सिंह ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उक्त जानकारी दी है। प्राचार्य ने माना है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का कारण संबंधित कर्मचारी की घोर लापरवाही एवं पानी पिलाने के कार्य में उदासीनता परिलक्षित होती है।
ज्ञात हुआ है कि कुछ गिलासों में जमे कैल्शियम सतह को पूर्णतया हटाने के लिए नियमित जल पिलाने वाले कर्मचारी ने कुछ बूँद अम्ल की डाल रखी थी। उक्त स्थान पर गिलासों की संख्या अधिक होने के कारण अम्ल रखे गिलास स्वच्छ गिलास में मिल गये।
प्राचार्य कक्ष में नियुक्त जल प्रापक के 15 जून को अवकाश पर होने के कारण प्रतिस्थानी कर्मचारी अनभिज्ञ होने के कारण उसी गिलास में पेयजल उक्त प्राध्यापकों को दे दिया। कहा कि घटना महज एक दुखद संयोग है।
प्राचार्य द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सर्वाधिक प्रभावित शिक्षक के स्वास्थ्य की महाविद्यालय प्रशासन स्तर पर निरंतर देखभाल की जा रही है। इस संबंध में अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह भी ली जा रही है। शिक्षकों के स्वास्थ्य परीक्षा के उपरांत चिकित्सक के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी चिंताजनक लक्षण नहीं है।