अयोध्या। गरीबी की मार कोई इन पांच कैदियों से पूछे, जिन्हें गुरुवार को शिक्षक दिवस पर सामाजिक संगठनों के प्रयास से खुली हवा नसीब हुई। जिला जेल से रिहा हुए कैदियों की आंखों में खुशी के आंसू छलक रहे थे। वे जुर्माना अदा करने वालों और ईश्वर का धन्यवाद देते नहीं थक रहे थे।
किसी पर आठ सौ रुपये का जुर्माना था तो किसी पर 960 से लेकर 24 हजार तक। घर वाले आर्थिक रूप से विपन्न थे, लिहाजा इनकी जिंदगी जेल में कट रही थी।
लेकिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस पर ऐसे पांच कैदियों को जिला जेल से रिहा कराने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं व ट्रस्टों की ओर से धनराशि जमा कर पुण्य का काम किया गया।
जिला कारागार अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया है कि सभी रिहा किए गए पांच कैदियों की औपचारिकताएं पूर्ण कराई गई। उन्होंने बताया है कि तथागत बुद्ध सेवा संस्थान ट्रस्ट अयोध्या ने महराजगंज थानाक्षेत्र के राजेपुर निवासी खुरबुद्दी सिंह पुत्र वंशगोपाल सिंह का 800 रुपये, लखनऊ जिले के तालकटोरा निवासी राहुल पासी पुत्र वीरेंद्र पासी पर 960 रुपये व बाराबंकी जिले दक्षिणटोला निवासी शकील अहमद पुत्र इब्राहीम अहमद का 1800 रुपये जुर्माना जमा कराया।
इसके बाद इन्हें रिहा करने का कोर्ट से आदेश आया। इसी तरह शफीक पुत्र बरकत का 24 हजार 700, नरेश का 17 हजार 200 रुपये राज्य सरकार ने जमा किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि सभी की धनराशि जमा कराते हुए औपचारिकताओं को पूर्ण कर रिहा किया गया है।