सुबह आठ से 11 बजे और दोपहर में तीन से 6:15 बजे तक गर्भगृह स्थल पर 40 आचार्य पूजन कर रहे हैं। पहली जून को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के मृगशिरा नक्षत्र व आनंद योग के शुभ मुहूर्त सुबह 10 से 10:15 बजे के मध्य सीएम योगी आदित्यनाथ राममंदिर के गर्भगृह के स्तंभ की पहली शिला रखेंगे। इसका साक्षी बनने के लिए परिसर में राममंदिर के ट्रस्टी, संघ के पदाधिकारियों सहित संत-धर्माचार्य व मंदिर आंदोलन में शामिल रहे विशिष्ट जन मौजूद रहेंगे। पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करने की भी तैयारी है ताकि देश-दुनिया के लोग अपने आराध्य के घर के निर्माण के शुभारंभ का साक्षी बन सकें। मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, निर्माण प्रभारी गोपालजी सहित अन्य मौजूद रहे।
अनुष्ठान में शामिल हैं कई प्रांतों के आचार्य
अनुष्ठान के पहले दिन नवग्रह पूजन कर ऋग्वेद के मंत्रों से यज्ञकुंड में आहुतियां डाली गईं। इस विशेष अनुष्ठान के तहत रुद्री, दुर्गा, सप्तशती, विष्णु सहस्त्रनाम और चतुर्वेद के पाठ होंगे। जानकारी के मुताबिक अनुष्ठान के लिए राजस्थान से पंडित हितेश अवस्थी, सिद्धार्थनगर से उमेश ओझा, बंगाल से लीलाराम गौतम, दिल्ली के पवन शुक्ला, वाराणसी के रामजी मिश्रा, अयोध्या के दुर्गा प्रसाद, शिव शंकर, रघुनाथ दास शास्त्री और प्रमोद शास्त्री सहित 40 विद्वान पूजन कर रहे हैं।
पहले दिन महापौर व महंत गिरीशपति बने यजमान
सर्वदेव अनुष्ठान के पहले दिन के यजमान के रूप में महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व महंत गिरीशपति त्रिपाठी सपत्नीक शामिल हुए। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय भी पूजन कार्यक्रम का हिस्सा बने। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि इससे बड़ा गौरवशाली क्षण क्या हो सकता है कि हम अपने आराध्य श्रीरामलला के घर निर्माण के साक्षी बन रहे हैं। महंत गिरीशपति त्रिपाठी बोले कि सदियों के संकल्प की सिद्धि होते देखना अत्यंत सुखद है। श्रीरामलला के घर निर्माण के अनुष्ठान में शामिल होने का मौका प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य की बात है। भव्य राममंदिर के साथ ही अब दिव्य अयोध्या के सृजन की शुरूआत हो चुकी है।
ट्रस्ट के महासचिव बोले- 2023 तक गर्भगृह निर्माण का काम पूरा करने का लक्ष्य
किसी शुभ कार्य को करने के पहले सनातन धर्म में देवी-देवताओं के पूजन-अर्चन के माध्यम से उन्हें प्रसन्न करने का कार्य किया जाता है। यह एक विशेष प्रकार का अनुष्ठान होता है, जिसके जरिए कामना की जाती है कि कार्य में किसी तरह की बाधा उत्पन्न ना हो। एक जून से श्रीरामलला के घर का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। दिसंबर 2023 तक गर्भगृह निर्माण का काम पूरा करने का लक्ष्य है। -चंपत राय, महासचिव, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट