अयोध्या। जानलेवा हमला के एक मामले में कोर्ट ने दोषी पाते हुए पिता-पुत्र को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम शैलेंद्र सिंह यादव की अदालत से 10 हजार जुर्माना भी हुआ।
एडीजीसी कौशल कुमार चतुर्वेदी व विशेष लोक अभियोजक रंजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना 6 जनवरी 2018 की शाम चार बजे की है। पूराकलंदर थाना क्षेत्र के गौहनिया गांव में विमल कुमार पांडेय और उनके भाई सुरेंद्र कुमार पांडेय के बीच शौचालय में घुसने को लेकर विवाद हो रहा था। विमल कुमार की गुहार पर उनकी पोती नीलू और विमल के नाती की पत्नी उन्हें बचाने दौड़ी तो सुरेंद्र के पुत्र पवन कुमार ने लाइसेंसी बंदूक से दोनों के ऊपर फायर कर दिया।
इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसकी रिपोर्ट विमल ने दोनों के खिलाफ जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद मामले में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।