देश व आंतरिक सुरक्षा में शहीद होने वालों के घर जाने वाली सड़क का नाम जयहिंद वीर पथ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बलिदानी रामभक्त चाहे वो 30 अक्तूबर वर्ष 1990 के हों या नवंबर वर्ष 1990 के हों, उनके घर से मुख्य सड़क तक सड़कों का निर्माण करा कर कारसेवक मार्ग के नाम जानी जाएगी।
मार्ग पर बलिदानी रामभक्तों के नाम भी लिखे जाएंगे। इसके अलावा देश की सीमा की रक्षा करते सैनिक व आंतरिक सुरक्षा को संभालने वाली पुलिस के जवान अगर शहीद हो जाते हैं तो उनके घर तक जाने वाली सड़क का नाम जय हिंद वीर पथ रखा जाएगा।
इसके साथ ही प्रदेश व देश के प्रतिष्ठा स्थापित करने वाले खिलाड़ियों के नाम पर मेजर ध्यानचंद्र विजय पथ के नाम से खिलाड़ियों के घर तक सड़कों का निर्माण कराकर सड़कों का नामकरण खिलाड़ी के नाम पर किया जाएगा।
इसके साथ ही पूर्व में प्रदेश के टॉपरों की योजना में भी संशोधन करते हुए मेधावियों के घरों तक व स्कूलों तक सड़कों का निर्माण डॉ. एपीजे अबुल कलाम गौरव पथ के नाम पर होगा। सड़कों के नामकरण में मेधावियों के फोटो भी चस्पा की जाएगी।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यकर्ताओं को जोश से लबरेज कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरा हर कार्यकर्ता उप मुख्यमंत्री के समान है। उनको जो अधिकारी सम्मान देगा वही मेरा भी सम्मान होगा।
कार्यकर्ता की पार्टी की मुख्य पूंजी है। कार्यकर्ताओं के बदौलत ही आज सांसद और विधायक हैं। कार्यकर्ताओं के मेहनत के कारण ही केंद्र में बहुमत की सरकार आई और तक जाकर अनुच्छेद 370 व 35ए को हटाया जा सका।
कार्यकर्ताओं के कारण ही 500 साल पुराना विवाद राममंदिर का विवाद खत्म हुआ और हम सब आज राममंदिर बनते देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववत कांग्रेस सरकार चाहती ही नहीं कि राममंदिर का विवाद खत्म हो बल्कि इसकी मुुकदमे की तारीखों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता रहा।
अब वही लोग मंदिरों व संगम में डुबकी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा सपना तब पूरा होगा जब हम राममंदिर में कलश स्थापित होते हुए देख लेंगे। इसलिए कार्यकर्ताओं का सम्मान हर दिशा में होना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर के साथ अयोध्या से रामेश्वरम तक को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। यह मार्ग अलौकिक, मन को शांति व सुख देने वाला होगा। मार्ग पर भगवान राम की पूरी लीला को रेखांकित किया जाएगा। इसके लिए सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से अनुमति प्रदान कर दी गई है।
प्रदेश का लोक निर्माण विभाग अयोध्या से चित्रकूट तक सड़क का निर्माण करेगा, इसके आगे का कार्य दूसरे प्रदेशों के लोग करेंगे। मार्ग पर रामायणकालीन वृक्ष रोपित किए जाएंगे। सब कुछ ऐसा होगा कि हर मार्ग पर आने जाने वाले लोगों को सुख व आनंद मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में तभी रामराज्य स्थापित होगा जब केंद्र व प्रदेश में लगातार 25 वर्ष भाजपा की सरकार रहे। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कार्य करने हैं। अभी भी आस्था से खिलवाड़ करने वालों की आवाजें बुलंद होती हैं लेकिन इनके सपने मुंगरी लाल के सपने जैसे हैं। वर्ष 2022 में प्रदेश व 2024 में केंद्र में सरकार बनना तय है।
अब देश के हालत ऐसे हो चुके है कि मंदिरों में जाना व दर्शन पूजन करना लोगों की मजबूरी है। यह समाज में आए बदलाव का परिचायक है। एक समय ऐसा भी था कि लोग मंदिरों व नदियों पर स्नान करने से कतराते थे लेकिन अब सभी लोग जाते हैं।
इसका कारण जनता व कार्यकर्ताओं की एकता है। इसको बरकरार रखना होगा और आगे आने वाले चुनाव में लोगों को पूरी समझदारी का परिचय देना होगा। इस दौरान महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, राज्यमंत्री सुरेश पासी, विधायक इंद्र प्रातप तिवारी खब्बू, रामचंद्र यादव, मंतेश्वरशरण सिंह, बैजनाथ रावत, सतीश शर्मा, अनीता, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेेश पांडेय, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।