मामला कैंट थाने से जुड़ा है। दोषी युवक फर्जी मार्क्सशीट के जरिए उड़ीसा में सेना में भर्ती हुआ था।
उड़ीसा का रहने वाला चीता रंजन जेना कटक में सेना भर्ती में कुक के पद पर भर्ती हुआ था।
उसे ट्रेनिंग के लिए डोगरा रेजीमेंटल सेंटर भेजा गया था। उसने हाईस्कूल की जिस मार्क्सशीट के जरिए नौकरी हासिल की थी उसका सत्यापन कराया गया। सत्यापन में जेना हाईस्कूल पास नहीं था।
असलियत की जानकारी होने पर रेजीमेंटल सेंटर के लेफ्टिनेंट कर्नल आरके निखिल ने रंजन जेना के खिलाफ धोखाधड़ी करके सेना में नौकरी हासिल करने की धारा में रिपोर्ट लिखाई। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी पाते हुए सजा दी।