नाराज ग्रामीणों ने दो महिलाओं समेत एक अधेड़ को घेरकर बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस भीड़ के चंगुल से सभी मुक्त करा थाने लाई।
मामले में ग्रामीणों की ओर से धर्मपरिवर्तन कराए जाने की तहरीर दी गई है। जबकि दूसरे पक्ष के मुखिया महेश श्रीवास्तव ने खुद हिंदू बता प्रभु यीशु की प्रार्थना करा दिमागी बीमारी व पराशक्ति से मुक्ति की बात कही।
फिलहाल पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। महराजगंज थानाक्षेत्र के ग्राम सभा भोया के अमौनी मजरे में सुबह करीब 10 बजे एक व्यक्ति परिवार की दो महिलाओं व चार बच्चों के साथ कार से पहुंचा।
उसके साथ गांव के शिवचरन की रिश्तेदार महिला थी। यहां पहले से भी आना-जाना था। घर के अंदर प्रभु यीशु के प्रार्थना शुरू हुई। इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और विरोध करने लगे।
ग्रामीणों ने सभी को बंधक बना लिया गया। सूचना पर दलबल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी उन्हें मुक्त करा थाने लाए। गांव के सुरेंद्र पांडेय, विनीत सिंह, संदीप सिंह, विनय सिंह, ललित सिंह आदि 21 लोगों की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार से गांव आए लोग चार-पांच माह से दलित वर्ग के लोगों को लालच देकर धर्मांतरण करवाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई।
थाना प्रभारी उदय राज यादव के बताया कि पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम महेश चंद्र श्रीवास्तव निवासी बीकापुर बताया। उसके साथ पत्नी अभिलाषा व एक अन्य महिला आशा किरन कौशलपुर निवासी फैजाबाद थी। जिसकी रिश्तेदारी शिवचरन के यहां है।
उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वे हिंदू हैं और धर्मांतरण नहीं कराते। शिवचरण की पत्नी की तबीयत काफी दिनों से खराब थी, जिसे प्रार्थना कर ठीक कर रहे थे।
आरोपी महेश ने बताया कि वह प्रभू यीशु की प्रार्थना कराता है, इससे दिमागी बीमारी और पराशक्ति से मुक्ति मिल जाती है। उसका एक एनजीओ भी है। गांव के काफी लोगों को फायदा हुआ है। इसलिए रविवार को प्रार्थना आयोजित थी। थानाप्रभारी ने गांव न आने की चेतावनी दी है।