हत्या के एक मामले में आरोप साबित होने पर कोर्ट ने पिता व उसके तीन पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक को 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश भी हुआ। फैसला अपर जिला जज कृष्ण प्रताप सिंह की अदालत से सोमवार को हुआ। मामला रुदौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सहनी का है।
एडीजीसी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि घटना 8 अगस्त 2011 की है। इसी गांव के राकेश कुमार के भतीजे के मुंडन में प्रीतिभोज था। इसमें गांव के रामकैलाश, रामगणेश, दिनेश कुमार (तीनों सगे भाई) व इनके पिता रामफेर का भी सपरिवार निमंत्रण था।
खुशी के माहौल में नाच गाने का प्रोग्राम हो रहा था। गांव और रिश्तेदारी से आई महिलाएं डांस कर रही थीं। राकेश के भतीजे सुनील ने कैलाश की पत्नी से कहा कि भाभी सभी महिलाएं डांस कर रही हैं आप भी इसमें शरीक हों, पति ने इसका विरोध किया और सुनील से हाथापाई हो गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने सबको किसी तरह शांत कराया। कार्यक्रम समाप्त होने पर राकेश अपने चाचा रामनरेश चचेरे भाई सुनील कुमार व पिता श्याम बिहारी के साथ घर जा रहे थे तो राम कैलाश उनके दोनों भाइयों व पिता ने मिलकर चारों पर लाठी-डंडे से हमला बोल दिया।
इसमें श्याम बिहारी की मौत मौके पर ही हो गई। इस हत्या की रिपोर्ट राकेश कुमार ने चारों के खिलाफ लिखाई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा दी।