वहीं, फैजाबाद जीआरपी ने बुधवार को सौरभ के साथी सुनील कुमार शर्मा से पूछताछ के बाद उसका चालान कर दिया।
आईटीआई मनकापुर निवासी भवानीफेर दुबे के मुताबिक उनका पुत्र सौरभ व उसका साथी सुनील जनरल टिकट लेकर मनकापुर से गोरखपुर-यशवंतपुर ट्रेन के आरक्षित कोच एस-4 में चढ़े थे।
कुछ ही देर में टीटीई अनिल कुमार सिंह पहुंचे। सौरभ ने जनरल टिकट दिखाया तो जुर्माना व टिकट मूल्य सहित साढ़े तीन सौ रुपये प्रत्येक यात्री देने को कहा। सौरभ ने दोनों की रसीद बनाने के लिए टीटीई को एक हजार रुपये का नोट दिया।
टीटीई ने रसीद और शेष रुपये नहीं दिए तो कुछ देर बाद सौरभ ने उससे रसीद और रुपये मांगे। इस पर टीटीई दो अन्य टीटीई के साथ पहुंचा और सौरभ से झगड़ने लगा। जीआरपी थाने में बैठे सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि एक सीमेंट कंपनी में एरिया मैनेजर सौरभ उसे इंटरव्यू के लिए ले जा रहा था।
सुनील ने अपने सिर में लगी चोट दिखाते हुए कहा कि टीटीई ने अपने रिवॉल्वर की बट से उसे मारा है। सौरभ को तीनों ने पीटने के बाद ट्रेन से फेंक दिया। जबकि उसे जीआरपी फैजाबाद के हवाले कर दिया गया।
इंस्पेक्टर जीआरपी दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि टीटीई अनिल कुमार सिंह की तहरीर पर सौरभ व सुनील के खिलाफ सरकारी कर्मी से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और नकदी छीनकर भागने की धारा में केस दर्ज किया है।
वहीं, भवानीफेर की तहरीर पर टीटीई अनिल कुमार सिंह के विरुद्ध हत्या का प्रयास, गाली-गलौज व ट्रेन से फेंकने की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। दोनों ही मामलों की विवेचना गोंडा जीआरपी करेगी। हिरासत में रखे गये सुनील कुमार का दोपहर बाद चालान कर दिया गया।