पटना से दिल्ली यात्रा के दौरान रहस्यमय हालात में लापता हुए सेना के कैप्टन शिखरदीप शनिवार तड़के नगर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने खुद को अगवा किए जाने व अपहर्ताओं के चंगुल से भाग यहां तक पहुंचने की दास्तां सुनाई।
पुलिस की सूचना पर डोगरा रेजीमेंट के मेजर के साथ आई सेना की टीम शिखरदीप को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। भोर में पौने चार बजे नगर कोतवाली पहुंचे कैप्टन शिखरदीप ने पुलिस को बताया कि छह फरवरी को वह कटिहार से महानंदा एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे।
पटना स्टेशन पर पानी की बोतल लेने उतरे तो मुंह से झाग आने लगा और वह बेहोश हो गये। होश आने पर खुद को एक कोठरी में कुर्सी से बंधा पाया। उनको खाने के लिए दलिया दी गई फिर वह सो गए। नींद खुलने पर अपहरणकर्ताओं ने उनसे तमाम सवाल किए।
पुलिस ने जब पूछा कि क्या सवाल किए गए तो कैप्टन ने कहा कि उनको पता नहीं। वे पूरी तरह होश में नहीं लग रहे थे। शुक्रवार भोर उन्होंने किसी तरह रस्सी खोली और कमरे की खिड़की तोड़कर भाग निकले। रेल पटरी के सहारे दौड़ते हुए एक स्टेशन पहुंचे और वहां खड़ी कामाख्या एक्सप्रेस पर सवार हो गए।
ट्रेन में उनको नींद आ गई। आंख खुली तो ट्रेन अयोध्या स्टेशन पर खड़ी थी। यहां पर उतरना चाहा तभी ट्रेन चल पड़ी। अगले स्टेशन फैजाबाद में उतरा और लोगों से पूछता हुआ नगर कोतवाली पहुंचा। पुलिस व खुफिया एजेंसियों की ओर से यह पूछे जाने पर कि किस स्टेशन से कामाख्या पर सवार हुए?
कैप्टन ने जानकारी दे पाने से अनभिज्ञता जता दी। सीओ सिटी फैजाबाद जवाहर प्रसाद सिंह ने बताया कि कोतवाली पहुंचे लापता कैप्टन से पुलिस के साथ सेना के अधिकारियों ने पूछताछ की है। कैप्टन को डोगरा रेजीमेंटल सेंटर के हवाले किया गया है।