लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैंट थाना क्षेत्र स्थित सहादतगंज क्षेत्र मेें सड़क किनारे एक दंत चिकित्सक खून से लथपथ पाए गए। पुलिस ने उनको जिला अस्पताल भिजवाया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
वह शहर के कौशलपुरी कॉलोनी के निवासी थे और मसौधा सीएचसी पर बतौर दंत चिकित्सक तैनात थे। मौके से पुलिस को एक पिस्टल व खोखा भी मिला है। पिता की शिकायत पर कैंट पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गन शॉट इंजरी पाई गई है। घटना शुक्रवार देर रात की है।
शहर के कौशलपुरी फेज दो एमआईजी निवासी 35 वर्षीय डॉ. आयुष तिवारी पुत्र डॉ. राकेश तिवारी वर्तमान में मसौधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बतौर दंत चिकित्सक तैनात थे। वर्ष 2012 के सितंबर में उनकी संविदा चिकित्सक पद पर तैनाती हुई थी।
शुक्रवार की रात लगभग 10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि सहादतगंज स्थित एक ढाबे के निकट नाले के पास हाइवे किनारे एक युवक घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची तो खून से लथपथ एक शख्स सड़क किनारे पड़ा मिला।
उसके शरीर पर मौजूद खाकी पैंट, कत्थई जूता तथा टीशर्ट देख पुलिसकर्मियों को लगा कि वह कोई सिपाही है और मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और तलाशी ली गई तो उसके जेब में रखे पर्स में परिचय पत्र तथा घर का पता मिला।
पुलिस ने सूचना परिवारजनों को देकर उसको तत्काल जिला अस्पताल भर्ती कराया। उपचार के दौरान 11.40 बजे शख्स की मौत हो गई। कागजात तथा परिवारीजनों की शिनाख्त के आधार पर मृतक की पहचान कौशलपुरी निवासी दंत चिकित्सक डॉ. आयुष तिवारी के रूप में हुई। जानकारी पर मृतक के पिता तथा रिटायर्ड सीएमओ डॉ. राकेश तिवारी भी लखनऊ से यहां पहुंच गये।
पुलिस ने बताया कि दंत चिकित्सक के सिर से खून रिस रहा था। पास में एक पिस्टल व एक खोखा मिला है। डाक्टरों के मुताबिक गोली दंत चिकित्सक के बायीं तरफ पेट के निचले हिस्से से होकर दाहिने हिस्से में फंसी हुई थी।
वीडियोग्राफी के बीच दो डॉक्टरों के पैनल से हुए पोस्टमार्टम में मौत की वजह गन शॉट इंजरी तथा गोली लगने से नर्वस सिस्टम डैमेज होना व खून का अत्यधिक रिसाव हो जाना पाया गया है।