हाईवे पर कैंट थाना क्षेत्र स्थित कोटसराय गांव के पास टोल प्लाजा से कैश लेकर आ रही वैन के सुरक्षा गार्ड की हत्या कर दो लाइसेंसी बंदूक लूटने के मामले का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। एसटीएफ व जिला पुलिस की टीम ने वारदात में शामिल 11 लोगों में से चार कोे गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से एसयूवी, बाइक, तीन मोबाइल, तमंचा-कारतूस और लूटा गया बैग व उसमें रखे कागजात बरामद किया है। हालांकि गार्ड की हत्या कर कैश वैन से लूटी गई दोनों लाइसेंसी बंदूक पुलिस हासिल नहीं कर पाई है।
बुधवार को एसएसपी मोहित गुप्ता व एसटीएफ के डिप्टी एसपी अरविंद चतुर्वेदी ने पत्रकारों को बताया कि 18 अगस्त को दिनदहाड़े तहसीनपुर टोल प्लाजा से 40 लाख की रकम लेकर आ रही कैश वैन में कोटसराय के पास लूट हुई थी। एसयूवी सवार लुटेरों ने विरोध पर गार्ड राजाराम को गोली मार दी थी।
वहीं दोनों गार्डों की लाइसेंसी बंदूक व एक बैग लूट लिया था, हालांकि कैश नहीं ले जा पाये थे। अज्ञात के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज इस मामले में सहादतगंज ओवरब्रिज से बाइक सवार रौनाही थाने के तहसीनपुर निवासी फूलचंद व सुंदर यादव को तमंचा कारतूस के साथ पकड़ा गया।
इनकी निशानदेही पर सुलतानपुर रोड से एसयूवी सवार तहसीनपुर के ही रहने वाले श्यामू यादव व प्रतापगढ़ के पवई थाने के कोहड़ा निवासी मो. तारिक को तीन मोबाइल व एक बैग के साथ पकड़ा गया। बैग में लूटे गए कागजात बरामद हुए हैं।
पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि श्याम टोल प्लाजा पर चालक की नौकरी करने के चलते कैश के ट्रांजेक्शन के बारे में जानता था और उसके बताने पर श्यामू व सुंदर ने योजना बनाई और अन्य को शामिल किया।
पकड़े गए आरोपियों के अलावा वारदात में राकेश यादव, रवि किशन निषाद उर्फ रवि, अभिषेक मिश्र, बबलू सिंह, अमित सिंह, उग्रसेन यादव, विशाल तिवारी शामिल थे। जिनमें चार को सुलतानपुर पुलिस जेल भेज चुकी है और अभिषेक बीकापुर कोतवाली क्षेत्र में एक हत्या के मामले में जेल चला गया है।
लूटी गई बंदूक की बरामदगी के लिए फरार दो आरोपियों की तलाश है। संयुक्त टीम को डीआईजी ने 10 व एसएसपी की ओर से पांच हजार के ईनाम की घोषणा की गई है।