हालत बिगड़ने पर भी डॉक्टर ने नहीं देखा, कहा- खत्म हो गई ड्यूटी
फैजाबाद। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात एक चिकित्सक की लापरवाही से डायरिया से पीड़ित बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मौत के बाद गुस्साए परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। कुछ देर बाद परिवारीजन थाने गए मगर कोई तहरीर नहीं दी। इसके चलते मामला रफादफा हो गया।
गोंडा के वजीरगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता निवासी रमेश ने उल्टी-दस्त से पीड़ित अपनी पांच वर्षीय पुत्री कल्पना को मंगलवार सुबह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। रमेश का आरोप है कि, कल्पना की हालत गंभीर थी।
कई बार इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से उसे देखने का निवेदन किया मगर उन्होंने ड्यूटी खत्म होने का बहाना बताते हुए देखने से इनकार कर दिया। बताया कि हालत गंभीर होने पर जब तक वह कल्पना को लेकर निजी चिकित्सालय ले जाता, तब तक उसने दम तोड़ दिया।
इससे गुस्साए परिवारीजनों ने हंगामा शुरू किया तो पुलिस भी आ गई और पीड़ित पक्ष को थाने ले गई। नगर कोतवाल प्रमोद पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पीड़ित पक्ष डॉक्टर पर आरोप लगा रहा था, लेकिन कोई तहरीर न देकर शव लेकर चले गए। इस वजह से मुकदमा दर्ज नहीं हो सका।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि, बालिका को 7:20 बजे भर्ती कराया गया था, हालत गंभीर होने से आठ बजे उसकी मौत हो गई। इमरजेंसी में देखने के बाद ही मरीज को भर्ती किया जाता है और एक चिकित्सक हमेशा तैनात रहता है। आरोप बेबुनियाद है।