गोसाईगंज। कोटेदार चयन में हुई मनमानी व दबंगई के खिलाफ विरोध कर रहे दो लोगों को पुलिस ने बर्बरतापूर्वक पीट दिया। दोनों को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। पिटाई के शिकार लोगों में एक बीडीसी सदस्य है, जिसे कुछ दिन पहले ही एसएसपी आवास पर एक इंसपेक्टर ने जमकर धुना था, तब आला अफसरों ने कार्रवाई का आदेश दिया, मगर आज तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
मया बाजार के गांव रजपलिया के कोटेदार का चयन चुनाव अधिकारी एडीओ पंचायत रमा शंकर सिंह की मौजूदगी में मंगलवार को शुरू हुआ।
इसमें दबंगई के जोर पर एक जनप्रतिनिधि के चहेते को फूलचंद को कोटेदार चुन लिया गया। इसे लेकर विरोध शुरू हुआ। नाराज छेदी पक्ष की ओर से गुप्त मतदान की मांग की गई और हंगामा शुरू हो गया। सुनवाई न होते देख ग्रामीणों ने अकबरपुर मार्ग जाम करना चाहा।
इसी दौरान पहुंची पुलिस ने रजपलिया निवासी बीडीसी सदस्य पारसनाथ यादव व जितेंद्र निषाद की जमकर लाठियों से पिटाई शुरू कर दी।
पारसनाथ को हाथ व पैर में फ्रैक्चर आया है, जबकि जितेंद्र के सिर में चोट लगने के बाद बेहोश हो गया। उसके मुंह से गांज निकलता देख पुलिस वाले आननफानन में सीएचसी ले गए, जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने ज्यादती करते हुए जमकर पीटा है। दोनों को देर शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
थानाध्यक्ष गोसाईगंज सुरेश पांडेय ने किसी को चोट आने की बात से इन्कार किया। कहा कि मार्ग जाम करने की कोशिश करने वालों को चिन्हित कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
एडीओ पंचायत ने बताया कि फूलचंद और छेदी निषाद ने कोटेदार चयन में आवेदन किया था, जिसमें फूलचंद के पक्ष में 196 ग्रामीणों ने हाथ उठाए तो उसे चयनित कर लिया गया।
छेदी निषाद ने पक्ष जब कमजोर देखा तो अपनी लाइन के लोगों की गिनती नहीं कराई। छेदी का आरोप है कि कोटा चयन में गुप्त मतदान की मांग नहीं मानकर मनमानी की गई है।