नौकरी दिलाने के नाम पर लिए 10 लाख, दे रहे धमकी
पूर्व मंत्री पवन पांडेय व सुरेंद्र के खिलाफ कोर्ट में रिपोर्ट की अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। पूर्व वन राज्यमंत्री व सपा नेता तेज नरायन पांडेय पवन व गन्ना समिति के पूर्व सभापति सुरेंद्र यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई है। अर्जी में सरकारी नौकरी देने के नाम पर 10 लाख रुपये लेने और उसे मांगने पर जान से मार डालने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। सीजेएम राजेश पाराशर ने इस अर्जी को बतौर प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए कोतवाली नगर से आख्या तलब की है। मामले में अगली सुनवाई 12 जून को होगी।
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष आलोक सिंह ने कोर्ट में दी गई अर्जी में कहा है कि घटना सपा शासनकाल की है। तब तेज नरायन पांडेय वन राज्य मंत्री थे और सुरेंद्र सभापति। दोनों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 10 लाख रुपये लिए थे। नौकरी न लगने पर जब उन्होंने रुपयों की मांग की तो धमकी दी गई कि दोबारा रुपये मांगोगे तो जिंदा नहीं छोड़ूंगा। इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को आलोक ने बताया कि नौकरी के नाम पर रुपये और लोगों से लिए गए हैं। पांच लोगों ने मीडिया के सामने जरिए शपथपत्र इसकी तस्दीक की है। यह रुपये प्रशांत, सुनील, अंकित अंकुर ने राज्यमंत्री के लिए मांगे हैं। पूरी राशि करोड़ों में बताई गई है।
आरोप बेबुनियाद, हो उच्चस्तरीय जांच : पवन
इस आरोप को पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने पूरी तरह से निराधार बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कहा कि भाजपा ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए फर्जी कहानी गढ़ी है। उन्होंने पहले ही शिकायत एसएसपी से की है जिसकी जांच सीओ सदर कर रहे हैं। जांच के बाद सारी कहानी सामने आ जाएगी।