अयोध्या। जिले में अन्य प्रांतों से प्रवासी श्रमिकों की आमद के बाद करीब दस दिन में ही 37 गांव कंटेनमेंट जोन में परिवर्तित हो गए हैं। जबकि सात इलाकों को क्लस्टर जोन का नाम दिया गया है। संक्रमण दर में तेजी से हो रहे इजाफे के कारण अभी इनकी संख्या में इजाफे की संभावना है, जिसे लेकर ग्रामीणों में खौफ व्याप्त है।
14 मई तक जिले के हालात बेहतर थे। पहली बार निजी लैब में पॉजिटिव मिली गर्भवती के डिस्चार्ज होने के बाद जिले के ग्रीन जोन में प्रवेश करने की संभावना से लोग उत्सुक थे। तभी महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य संक्रमित इलाकों से भारी संख्या में पहुंचे प्रवासी श्रमिक, कामगार आदि ने जिले में भी हलचल पैदा कर दी। 14 मई को एक मुंबई से लौटा एक श्रमिक पॉजिटिव आया तो फिर संक्रमण की चेन बढ़ती चली गई। शनिवार तक जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 59 पहुंच गई। जिनमें सक्रिय मरीज 55 हैं, जिन्हें आइसोलेट किया गया है।
अधिक संख्या में मरीजों के मिलने से संबंधित गांवों को सील करते हुए कंटेनमेंट जोन, बफर जोन व हॉटस्पाट घोषित किया गया। मौजूदा समय में कंटेनमेंट जोन की संख्या 37 पहुंच गई है। जिनमें सदर तहसील में सर्वाधिक 13, मिल्कीपुर में नौ, बीकापुर में नौ, सोहावल में चार व रुदौली में दो शामिल हैं। जबकि क्लस्टर जोन में सात इलाकों को रखा गया है। इनमें सदर तहसील में तीन और सोहावल व रुदौली में दो-दो इलाके शामिल किए गए हैं।
इन क्षेत्रों में पाबंदियों के साथ जीवनयापन करने की अनुमति लोगों को दी गई है। यदि संख्या इतनी ही रहे तो गनीमत है, लेकिन ऐसा होता प्रतीत नहीं हो रहा है। संक्रमण दर बढ़ने से आमजन काफी भयभीत है।
उधर, बीते शनिवार को पॉजिटिव पाए गए तीन मरीजों से संबंधित गांवों में रविवार की सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की टीमें ने दस्तक दिया। दिन भर थर्मल स्क्रीनिंग, संपर्कियों की तलाश व सैनिटाइजेशन सहित अन्य कोरोना बचाव कार्यों को अंजाम दिया गया।
गोसाईगंज प्रतिनिधि के अनुसार मया विकासखंड के ग्राम ईशापुर में रविवार सुबह 10 बजे मया ब्लॉक के पंचायत अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा गांव का सैनिटाइजेशन व सर्वे किया गया। एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि गांव को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया है। साथ ही उनसे संपर्क में आए करीब आधा दर्जन लोगों को आइसोलेट व करीब दो दर्जन लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
बड़ागांव प्रतिनिधि के अनुसार सोहावल तहसील क्षेत्र के डेरामूसी के मजरे अशोकगीपुर में सूरत से आए युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है। बताया गया कि युवक बीते सप्ताह सूरत से आया था। जिसके परिवार के लोगों को क्वारंटीन के लिए मसौधा ले जाया गया है। सीएचसी प्रभारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि युवक के संपर्क में आने वालों की पहचान की जा रही है।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार कुढ़ा गांव में एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन और गांव में हलचल मच गई। शनिवार सुबह गांव में पहुंचकर प्रशासन मुस्तैद हो गया और पूरे गांव को सील कर दिया गया। बताया गया कि मरीज 16 मई को मुंबई से घर पहुंचा था।
सीएचसी अधीक्षक अब्दुल खतीब अंसारी ने बताया कि मरीज में कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। फिर भी हॉटस्पाट एरिया से आने के चलते सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। मौके पर वह घर पर ही था। जिसे शनिवार को कोविड एल-1 हॉस्पिटल भेजा गया। गांव को एक किलोमीटर की परिधि में सील कर दिया गया है। पुलिस कर्मियों की टीम तैनात कर दी गई है। तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने बताया कि मरीजों के कांटेक्ट की मॉनिटरिंग की जा रही है। 10 संपर्की को जलालपुर माफी के राज माधव श्री इंटर कॉलेज में क्वारंटीन कराया गया है।
44 मरीजों में नहीं हैं कोई लक्षण
अयोध्या। जिले में कोरोना इलाज के लिए भर्ती किए गए 55 मरीजों में से 44 में कोरोना से संबंधित कोई लक्षण नहीं है। हॉटस्पाट इलाके से लौटे इन लोगों को संदेह के आधार पर क्वारंटीन करके नमूना जांच के लिए भेजा गया था। पॉजिटिव आने पर इन्हें कोविड एल-1 व एल-2 व झुनझुनवाला महाविद्यालय में आइसोलेट किया गया है।
झुनझुनवाला महाविद्यालय में रविवार को तीस मरीजों को रखा गया था। इनमें से 28 में किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं। सबकी हालत सामान्य है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि अब तक जिले में पाए गए अधिकांश मरीज एसिंप्टोमैटिक हैं। कुछ में हल्का जुकाम-बुखार शुरुआती दौर में आए तो दो-तीन दिन में ही हालत सामान्य हो गया। जबकि करीब 11 मरीजों को हल्की परेशानी होने पर कोविड एल-2 हॉस्पिटल में भेजा गया है। बताया कि 28 मई को एक मरीज का 14 दिन का पीरियड पूरा हो जाएगा।