अयोध्या। नवसंवत्सर विक्रमी संवत के शुभारंभ की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को मत्तगजेंद्र मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पूरे शाही वैभव के साथ निकली रामकोट की परिक्रमा आकर्षण का केंद्र रही।
परिक्रमा में रामनगरी के हजारों साधु-संत व भक्त शामिल हुए। प्राचीन रामकोट की परिक्रमा के इतिहास में यह पहला अवसर जब मुख्यमंत्री परिक्रमा का हिस्सा बने।
इससे पूर्व मत्तगजेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना के बाद रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने जय श्रीराम के उद्घोष के बीच रामकोट की परिक्रमा शुरू की तो श्रद्धा का चरमोत्कर्ष दिखा।
रथ पर सवार भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, गणेश हनुमान के स्वरूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहे। हाथी- घोड़ा व बैंड बाजे भी भव्यता बढ़ा रहे थे।
विक्रमादित्य महोत्सव समिति के संरक्षक व पूर्व सांसद विनय कटियार ने कहा कि रामकोट की परिक्रमा जिस संकल्प के साथ शुरू हुई थी आज उसकी सिद्धि राममंदिर निर्माण के साथ हो रही है।
यह उत्सव का विषय है। समिति के कोषाध्यक्ष बावन मंदिर के महंत वैदेही वल्लभ शरण ने कहा कि रामकोट की परिक्रमा का संदेश पूरे राष्ट्र को जाए ऐसी परिकल्पना के साथ इस उत्सव को भव्यता देने में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी है।
कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने परिक्रमा में शामिल होकर इस उत्सव की भव्यता बढ़ा दी। रामकोट की परिक्रमा में शामिल भगवान के स्वरूपों व संत धर्माचार्यों का जगह-जगह स्वागत किया गया।
बिड़ला धर्मशाला के पास नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास के संयोजन में लगे शिविर में परिक्रमार्थियों की सेवा की गई, पुष्प वर्षा की गई। परिक्रमा विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मत्तगजेंद्र पर आकर समाप्त हुई।
परिक्रमा में संघ प्रचारक संजयजी, राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, महंत कमलनयन दास, अधिकारी राजकुमार दास, महंत मैथिलीरमण शरण, महंत रामशरण दास, महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत जन्मेजय शरण, महंत रामकुमार दास, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, महंत गिरीश दास सहित हजारों की संख्या में भक्त शामिल रहे।
अयोध्या-नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर निकली रामकोट की परिक्रमा में शामिल संत,धर्माचार्य व भक्त।-?- फोटो : FAIZABAD